
हाथरस 29 अगस्त । जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जनपद के ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) सहित विभिन्न जनकल्याणकारी एवं स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जनपद का ऋण-जमा अनुपात 70.34 प्रतिशत पाया गया। बैठक में सामने आया कि इंडियन बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से कम है, जबकि पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का सीडी रेशियो 40 से 60 प्रतिशत के मध्य है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित बैंकर्स को ऋण-जमा अनुपात में अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी), खादी ग्रामोद्योग, एनआरएलएम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, डूडा द्वारा संचालित प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना तथा मत्स्य पालकों और पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने जैसी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों, बैंकों को ऋण स्वीकृति के लिए भेजे गए प्रकरणों, स्वीकृत आवेदनों तथा ऋण वितरण की स्थिति की जानकारी ली। बैंक स्तर पर कई योजनाओं में ऋण वितरण की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों और बैंकर्स को प्रगति में अपेक्षित सुधार लाने तथा अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ऋण प्राप्त करने के लिए आने वाले आवेदनों पर बैंक स्तर से गंभीरता से कार्रवाई की जाए। किसी भी पात्र आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। यदि कोई आवेदन अपात्र है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसका निस्तारण किया जाए। उन्होंने लंबित आवेदनों का अतिशीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ नए रोजगारों का अधिक से अधिक सृजन किया जा सके। बैठक में जिला विकास अधिकारी, उप निदेशक कृषि, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, एलडीएम, उपायुक्त उद्योग, शाखा प्रबंधक एवं विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।













