Hamara Hathras

Latest News

हाथरस 17 अगस्त। नगर पालिका परिषद हाथरस की अध्यक्ष श्वेता चौधरी की ओर से शासन की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर अब हाईकोर्ट की नई बेंच सुनवाई करेगी। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। इसके बाद मामले को दूसरी बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया गया है। मामला करीब दो वर्ष पहले नगर पालिका परिषद हाथरस में हुई डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की टेंडर प्रक्रिया से जुड़ा है। टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सभासद मनीष अग्रवाल उर्फ पीपा और सुनील अग्निहोत्री ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत के बाद डीएम ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की थी। जांच कमेटी की रिपोर्ट में शिकायतों और आरोपों की पुष्टि होने के बाद शासन की ओर से नगर पालिका अध्यक्ष को तीन नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद चार अगस्त को शासन ने नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए थे। शासन की इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए पालिकाध्यक्ष की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। पालिकाध्यक्ष की ओर से सात अगस्त को रिट याचिका दायर की गई थी, जिसे 11 अगस्त को दर्ज किया गया था। शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। अब मुख्य न्यायाधीश द्वारा दूसरी बेंच नामित किए जाने के बाद मामले की सुनवाई आगे होगी। याचिका में नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से प्रमुख सचिव के साथ जिलाधिकारी, जांच अधिकारी रहे उप जिलाधिकारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी को भी पक्षकार बनाया गया है। अब नई बेंच के समक्ष होने वाली सुनवाई में शासन की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page