सिकन्दराराऊ (हसायन) 12 अगस्त। विकासखंड कार्यालय के सभागार परिसर में बारह अगस्त दिन बुधवार को ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति,बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,बाल विवाह ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन खंड विकास अधिकारी सुरेन्द्र सिंह की सह अध्यक्षता में किया गया।बैठक में उनके द्वारा महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी विभिन्न योजना का लाभ आम जनमानस तक पहुॅचाने हेतु कार्यक्रम में उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ग्राम स्तरीय बैठक कराकर अपने अपने क्षेत्र की बच्चों से सम्बन्धित समस्याओ को कार्यव्रत के माध्यम से प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया।साथ ही सभी योजनाओ को बालकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुये अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित कराए जाने हेतु प्रेरित किया गया।महिला कल्याण विभाग से विधि सह परिवीक्षाधिकारी दीपक चौहान के द्वारा बैठक में उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मुख्य रूप से ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक के बारे में अवगत कराते हुए समय से बैठक कराकर उसकी कार्यवृत्ति उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना,दत्तक ग्रहण योजना,रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष, आदि के बारे मे विस्तार से बताया गया।सेंटर मैनेजर वन स्टॉप सेन्टर द्वारा पीड़ित महिलाओं के आश्रय के बारे मे विस्तार से जानकारी देते हुए बाल विवाह अधिनियम 2006 के अंतर्गत अठ्ठारह वर्ष से कम उम्र की बालिका एवं इक्कीस वर्ष से कम उम्र के बालक का विवाह न कराए जाने की अपील कर जागरूक किया गया।तथा बाल विवाह होने के कारण एवं उसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत रूप से जानकरी देते हुए कहा सामाजिक कुरीतियां,आर्थिक स्थिति, प्रथाएं एवं परम्पराओं के कारण बाल विवाह कर दिया जाता है।जिसके कारण बालिकाओं को शक्ति,परिपक्वता न होने के कारण घरेलू हिंसा,शिक्षा से वंचित हो जाना, गम्भीर बीमारी से ग्रसित होना तथा मातृत्व सम्बन्धित एवं शिशु मृत्यु की दर भी बढ़ जाती हैं। बाल विवाह की जानकारी होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर एक हजार अठ्ठानवें पर चौबीस घंटे नि:शुल्क महिला हेल्पलाइन नम्बर एक सौ इक्यासी पर चौबीस घंटे में कभी भी दूरभाष या मोबाइल फोन से फोन कॉल कॉल करके सूचित करने के साथ ही पास के पुलिस थाने में अथवा एक सौ बारह इमरजेंसी नम्बर पर सूचना दिए जाने को जागरूक किया गया।उन्होने यह भी बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम दो हजार छह की धारा-नौ एवं दस के अन्तर्गत बाल विवाह सम्पादित किए जाने पर एक लाख रुपए का जुर्माना अथवा दो वर्ष तक की सजा हो सकती है।बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय में तैनात सुपरवाइजर बतौर कार्यवाहक सी.डी.पी.ओ. रेखा सिंह के द्वारा सभी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को बालको के विकास के बारे मे विस्तार से जानकारी प्रदान करते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के साथ विभागीय योजना के बारे में में विस्तार से जानकारी दी गई।बैठक मे उपस्थित , चिकित्सा विभाग से बी.पी.एम.निशांत कुमार द्वारा बालकों के टीकाकरण के साथ साथ आयुष्मान कार्ड के बारे मे विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।कोतवाली से आए उपनिरीक्षक भिकारीदास आउटरीच कार्यकर्ता बंटी कुशवाह एवं विकास खण्ड की आंगनबाड़ी कार्यकत्री व समूह की साहिकाएं उपस्थिति रहीं।