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सिकन्दराराऊ (हसायन) 11 अगस्त। कस्बा के मोहल्ला किशन अहीरान में स्थापित 33/11 के.वी.विद्युत उपकेन्द्र के अलावा 33/11 विद्युत उपकेन्द्र महौं के लिए नगला रति विद्युत उपकेन्द्र एक सौ बत्तीस के.वी.से आ रही तैतीस हजार के.वी.की विद्युत हाइटेंशन लाइन में विद्युत कर्मचारियों के द्रारा ब्रेक डाउन की समस्या बताकर मंगलवार रात्रि दो बजे से लेकर मध्याह्रन दोपहर ग्यारह बजे तक तकरीबन दस घंटे विद्युत कटौती किए जाने से उपभोक्ताओं को उमस भरी गर्मी के मौसम में गर्मी के साथ साथ मच्छरों के प्रकोप सहने के लिए मजबूर होना पडा।वर्तमान में हर वर्ष संक्रामक रोग भी इसी पीक माह में प्रारंभ हो जाते है।मौसम परिवर्तन के कारण वर्तमान समय में उल्टी दस्त वायरल,बुखार के अलावा मौसम विभिन्न तरह के बुखार से जनमानस भी परेशान और पीडित हो रहा है।मंगलवार की देर रात्रि जैसे ही दो बजे के लगभग विद्युत उपकेन्द्र 33/11 के.वी.से विद्युत आपूर्ति ठप्प होते ही गर्मी व मच्छरों के प्रकोप से परेशान उपभोक्ता काफी देर तक विद्युत आपूर्ति आने का इंतजार करते हुए इधर से उधर गली मुहल्लों में चक्कर लगाकर गर्मी व मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए भटकते रहे।विद्युत उपभोक्ताओं का कहना है कि कस्बा से लेकर देहात क्षेत्र के पांच विद्युत फीडरों पर मनचाहे तरीके से ब्रेक डाउन की समस्या बताकर रात्रि में विद्युत कटौती कर परेशान किया जाता है।विद्युत उपकेन्द्र महौं के रहने वाले विद्युत उपभोक्ता सचिन कुमार,बघराया के अशोक कुमार,निजामतपुर के रामवीर सिंह,सीधामई के युधिष्ठर सिंह,हरिओम कुमार,वीरेन्द्र सिंह,मोरमुकुट कुशवाहा ने बताया कि वर्तमान समय में मौसम परिवर्तन हो जाने से वातावरण में सर्द गर्म का माहौल बनने पर कस्बा से लेकर क्षेत्र तक विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोगों का इजाफा हो रहा है।ऐसे में विद्युत विभाग के स्थानीय जिम्मेदारों के द्वारा मनचाहे जब ही अनाधिकृत रूप से तैतीस हजार के.वी.की विद्युत हाइटेंशन लाइन में ब्रेक डाउन हो जाने का बहाना बनाकर अवैध रूप से विद्युत कटौती की जाती है।विद्युत कटौती होने के दौरान कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी अपने सीयूजी दूरभाष मोबाइल फोन पर जाने वाली फोन कॉल को भी नजर अंदाज कर देते है।विद्युत कटौती किए जाने के बारे में हर बार ब्रेक डाउन का बहाना बनाकर कटौती कर दी जाती है।इस संबंध में विद्युत उपकेन्द्र पर तैनात कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि एक सौ बत्तीस विद्युत उपकेन्द्र नगला रति से आ रही तैतीस हजार के.वी.की विद्युत हाइटेंशन लाइन में ब्रेक डाउन बताकर पिछले तीन बार से लगातार आपूर्ति को रात्रि में बंद कर दिया जाता है।मंगलवार को भी विद्युत कर्मचारियों की मनमानी के कारण ब्रेक डाउन बताकर आपूर्ति को बंद करने के बाद में उन्होने ट्राई लेने का कतई प्रयास नही किया गया।जब उन्होने पूरी लाइन का परीक्षण निरीक्षण कर लाइन को चैक किया गया तो कहीं पर भी लाइन पर ब्रेक डाउन या लाइन में आपस में भिडी हुई नही मिली।विद्युत उपकेन्द्र एक सौ बत्तीस नगला रति पर तैनात कार्यरत कर्मचारियों की लापरवाही व मनमानी के कारण आपूर्ति ठप्प पडी रही।विद्युत उपकेन्द्र एक सौ बत्तीस के.वी. नगला रति पर तैनात कार्यरत एसएसओ स्तर के विद्युत कर्मचारी से विद्युत सीयूजी नंबर पर सम्पर्क किए जाने के दौरान अवगत कराया गया कि वह लाइन के ब्रेक डाउन में चले जाने के बाद तैतीस विद्युत उपकेन्द्र के अवर अभियंता लाइन की टैस्टिंग कराएगे लाइन का मैकर कराएगें उसके बाद लाइन से आपूर्ति देने के लिए ट्राई ली जाएगी।मंगलवार दो बजे से आपूर्ति कटौती किए जाने के बारे में पूछे जाने पर बताया गया कि वहां से लाइट गायब नही हुई थी,लाइन ब्रेक डाउन में चली गई थी।लाइन के ब्रेक डाउन में चले जाने के दौरान वह ट्राई लेकर आपूर्ति को सुनिश्चित करने का प्रयास करते है।हमें सिर्फ एक बार ही ट्राई लेने का अधिकार प्राप्त है।इस संबंध में विद्युत उपकेन्द्र एक सौ बत्तीस के.वी.नगला रति पर तैनात अवर अभियंता संजय ने बताया कि विद्युत कटौती किए जाने के सवाल पर बताया कि उनके यहां से किसी भी प्रकार से बिना किसी कारण आपूर्ति की कटौती नही की जाती है।मंगलवार की रात्रि दो बजे लाइन में अचानक ब्रेक डाउन बन गया था इसी वजह से आपूर्ति ठप्प हो गई थी।जब उनसे पूछा गया कि लाइन पर तो टैंस्टिग के दौरान कुछ ब्रेक डाउन में जाने जैसा नही मिला तो फिर विद्युत कटौती क्यों की गई के बारें में जानकारी करने के बारे में पूछे जाने पर कभी कभी होता है कि लाइनें आपस में टकरा जाती है,पक्षी वगैरह होते बहुत सारे फॉल्ट ऐसे टैम्परैरी होते है,नही हो पाते है उस समय लाइन में कई तरह के फाल्ट हो जाते है लाइन बंद हो जाती है,इंसूलेटर पंचर हो जाते है, और भी कई कारण होते हम एक्जैक्ट कारण नही बता पाते है।लाइन में ब्रेक डाउन दो बार ट्राई ली गई होगी कोई रीजन रहा होगा बिना किसी रीजन के आपूर्ति की कटौती नही की गई होगी।इस संबंध में विद्युत उपखंड चतुर्थ के एई सहायक अभियंता बतौर उपखंड अधिकारी एसडीओ हाईडिल शुभम सिंह से विद्युत कटौती किए जाने के बारे में जानकारी करने अवगत कराया गया कि कटौती नही की गई थी,एक सौ बत्तीस के.वी.नगलारति से यह कहकर कि तैतीस हजार के.वी. की विद्युत हाइटेंशन लाइन के ब्रेक डाउन में होने की बात कहकर आपूर्ति बंद कर दी गई कि लाइन ब्रेक डाउन में चली गई।विद्युत कर्मचारियो की लापरवाही मनमानी के कारण पिछली तीन बार से लाइन में ब्रेक डाउन बताकर आपूर्ति बंद कर जाती है।रात्रि में ट्रिपिंग आई होगी तो उन्होने लाइन के ब्रेक डाउन में जाने के बाद ट्राई लेना ही जरूरी नही समझा और लाइन को होल्ड कर दिया।जब सुबह से दोपहर तक तैतीस हजार के.वी. की विद्युत हाइटेंशन लाइन की टैस्टिंग कराई गई तो कहीं पर भी लाइन पर ब्रेक डाउन जैसा कुछ नही मिला।

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