
हाथरस 06 अगस्त। उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र रामेन्द्र कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जनपदों के पारंपरिक उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत हाथरस के लिए हींग एवं रेडीमेड गारमेंट को ओडीओपी उत्पाद के रूप में चयनित किया गया है। उन्होंने बताया कि ओडीओपी कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत जनपद के कुशल एवं अकुशल कारीगरों, उद्यमियों तथा इच्छुक अभ्यर्थियों को हींग एवं रेडीमेड गारमेंट से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। रेडीमेड गारमेंट के क्षेत्र में कटिंग एवं सिलाई का बेसिक एवं एडवांस प्रशिक्षण तथा उद्यमिता विकास का 10 दिवसीय प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों के लिए अल्पाहार एवं भोजन की व्यवस्था भी की जाएगी।
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रारूप पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की तिथि पर अभ्यर्थी की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए। योजना के लिए किसी विशेष शैक्षिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है। आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। इसके साथ ही आवेदक ने भारत सरकार अथवा उत्तर प्रदेश सरकार की किसी अन्य योजना के अंतर्गत संबंधित उत्पाद की टूलकिट का लाभ पिछले दो वर्षों में प्राप्त न किया हो। योजना के तहत आवेदक अथवा उसके परिवार में पति-पत्नी में से किसी सदस्य को केवल एक बार ही लाभ प्रदान किया जाएगा। पात्रता की शर्तों को पूरा करने के संबंध में आवेदक को निर्धारित शपथ-पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। उपायुक्त उद्योग रामेन्द्र कुमार ने जनपद के सभी कुशल एवं अकुशल कारीगरों, उद्यमियों तथा इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित प्रारूप में सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ msme.up.gov.in पर 22 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन अपलोड करें और ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना का लाभ प्राप्त करें।











