
हाथरस 01 जुलाई। जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान (जुलाई 2026) का आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा फीता काटकर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा नगरीय क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर संचारी रोगों के प्रति लोगों को जागरूक किया। शुभारंभ कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधुर कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.एन. सिंह, डॉ. एम.आई. आलम, जिला कार्यक्रम प्रबंधक बलवीर वर्मा, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, जिला मलेरिया अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का दूसरा चरण 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक पूरे जनपद में संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य, नगर विकास, पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, कृषि तथा अन्य विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए संचारी रोगों की रोकथाम एवं जनजागरूकता से संबंधित गतिविधियों का संचालन करेंगे। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान रैलियों, गोष्ठियों, पोस्टर एवं पंपलेट के माध्यम से लोगों को मच्छरों से फैलने वाले रोगों तथा उनके बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। वहीं 11 जुलाई से प्रारंभ होने वाले दस्तक अभियान के अंतर्गत आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगी। इस दौरान बुखार, आईएलआई (इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस), क्षय रोग, कुष्ठ रोग तथा कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनकी सूची भी तैयार की जाएगी।
अभियान के अंतर्गत नगर विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई, जलभराव वाले स्थानों पर लार्वीसाइड का छिड़काव तथा हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाएगी। आंगनबाड़ी विभाग कुपोषित बच्चों की पहचान करेगा, जबकि पशुपालन विभाग सूकर बाड़ों की साफ-सफाई के लिए प्रेरित करेगा। कृषि विभाग चूहों एवं छछूंदरों से होने वाली समस्याओं तथा उनसे फैलने वाले रोगों के प्रति किसानों को जागरूक करेगा। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जुलाई माह में प्रदेश में एक्यूट डायरिया डिजीज (दस्त रोग) के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्टॉप डायरिया अभियान भी संचालित किया जाएगा। इसके तहत फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपने साथ ओआरएस के पैकेट एवं जिंक की गोलियां लेकर घर-घर पहुंचेंगे तथा दस्त से पीड़ित बच्चों को निःशुल्क उपलब्ध कराएंगे।
इसके अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाएगा। खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों, सड़े-गले फल एवं सब्जियों तथा अस्वच्छ तरीके से तैयार किए जा रहे ताजे फलों के रस, गन्ने के जूस आदि की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता रैली का मुख्य उद्देश्य जनसामान्य को संचारी रोगों की रोकथाम, स्वच्छता तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करना है, ताकि जनपद को संचारी रोगों से सुरक्षित रखा जा सके।


























