
कासगंज 24 जून। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने जनपद छात्र-छात्राओं एवं आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी संस्थानों में, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है अथवा विद्युत भार अधिक रहता है, अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा के निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थान, विद्यालय, महाविद्यालय, जिम, पुस्तकालय, छात्रावास, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बहुमंजिला भवन एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), सुरक्षित विद्युत वायरिंग, स्पष्ट दिशा-सूचक संकेतक तथा आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी की समुचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। रेनू गौड़ ने कहा कि हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्निकांड की घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रत्येक संस्थान की जिम्मेदारी है कि वह सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करे।
उन्होंने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर जनपद में विशेष निरीक्षण अभियान संचालित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था तथा आपातकालीन निकास की व्यवस्थाओं का विशेष परीक्षण किया जाएगा। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी अथवा निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर प्रशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे संस्थानों का संचालन भी बंद कराया जा सकता है। उन्होंने सभी संस्थान संचालकों से अपील की कि वे सुरक्षा को केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मानते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ समय रहते पूर्ण करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को प्रभावी रूप से रोका जा सके।























