
हाथरस 23 जून। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ATUL VATS ने जनपद में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों की व्यवस्थाओं एवं विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को बेहतर, पारदर्शी और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं की सूची प्रदर्शित करने वाले बोर्ड लगाए जाने तथा दवाओं की उपलब्धता प्रतिदिन अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाला व्यक्ति पहले से ही शारीरिक एवं मानसिक परेशानी से जूझ रहा होता है, इसलिए उसे किसी भी प्रकार की अतिरिक्त असुविधा नहीं होनी चाहिए। डीएम ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्पष्ट साइनेज एवं मार्गदर्शक संकेतक लगाने के निर्देश दिए ताकि मरीज पंजीकरण के बाद बिना भटकाव के संबंधित चिकित्सक तक पहुंच सकें। उन्होंने अस्पतालों में बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही पर्चा एवं दवा वितरण काउंटरों पर अनावश्यक भीड़ और लंबी कतारें न लगने देने पर विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी ने मंत्र ऐप पर लाभार्थियों का डेटा समयबद्ध रूप से फीड करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी पात्र लाभार्थी का भुगतान तकनीकी अथवा प्रशासनिक लापरवाही के कारण लंबित नहीं रहना चाहिए। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जिन महिलाओं का गर्भावस्था का अंतिम माह चल रहा है, उनकी प्राथमिकता के आधार पर जांच कराई जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर आयरन सुक्रोज की डोज उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष (इमरजेंसी वार्ड) को तत्काल निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए ताकि मरीजों और उनके परिजनों को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े तथा आपातकालीन सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें। उन्होंने जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली बाधित होने की स्थिति में जनरेटर एवं अन्य वैकल्पिक संसाधनों को पूर्णतः क्रियाशील रखने तथा नियमित निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने ओपीडी, आईपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, पैथोलॉजी, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, एफआरयू, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टिक्षीणता नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, एम्बुलेंस सेवा 102 एवं 108, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना, नियमित टीकाकरण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण तथा पीसीपीएनडीटी एक्ट सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, एमओआईसी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका एवं नगर पंचायत तथा खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




















