
हाथरस 16 जून । विश्वविख्यात तुलसी साहिब आश्रम में आयोजित 183वें वार्षिकोत्सव के प्रथम दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली गई। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं और अनुयायियों की उपस्थिति में पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ आश्रम के वर्तमान गद्दीधर महंत गुरु लोचन दास महाराज द्वारा परम संत तुलसी साहिब की समाधि पर विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ किया गया। इसके पश्चात संत तुलसी साहिब के छवि चित्र से सुसज्जित रथ की पूजा-अर्चना कर भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया। शोभायात्रा को पूर्व सांसद राजेश दिवाकर, नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता दिवाकर, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य तथा भाजपा नगर अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर महंत गुरु लोचन दास महाराज ने कहा कि तुलसी साहिब आश्रम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना का वैश्विक केंद्र है। उन्होंने बताया कि परम संत तुलसी साहिब ने इसी पावन धरा पर अमर ग्रंथ घट रामायण की रचना की थी, जिसकी हस्तलिखित मूल प्रतियां आज भी आश्रम में सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि संत तुलसी साहिब द्वारा प्रतिपादित मानवता, प्रेम, आत्मज्ञान और सद्भाव का संदेश आज भी समाज को नई दिशा प्रदान कर रहा है। महंत श्री ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का दुपट्टा ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया तथा उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। पूर्व सांसद राजेश दिवाकर ने अपने संबोधन में कहा कि तुलसी साहिब आश्रम जनपद की आध्यात्मिक पहचान है और यहां की संत परंपरा ने देश ही नहीं, बल्कि विश्वभर में मानवता और आध्यात्मिकता का संदेश पहुंचाया है। नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता दिवाकर ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में सद्भाव, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं। उन्होंने आश्रम को जनपद की गौरवशाली धरोहर बताते हुए इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया। कांग्रेस कोऑर्डिनेटर एवं पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि संत तुलसी साहिब की शिक्षाएं मानव कल्याण की अमूल्य धरोहर हैं। वहीं भाजपा नगर अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने संतों की शिक्षाओं को समाज में एकता, सदाचार और भाईचारे का मार्गदर्शक बताया। कार्यक्रम के दौरान शहर के वरिष्ठ आशुकवि अनिल बोहरे ने जानकारी देते हुए बताया कि वार्षिकोत्सव के अंतर्गत 17 जून की रात्रि 8 बजे से भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हाथरस सहित विभिन्न जनपदों एवं प्रदेशों के ख्यातिप्राप्त कवि एवं कवयित्रियां अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर हरिशंकर वर्मा, अनिल साहब, फुलदास, जबर सिंह चौधरी, डी.आर. अनार सिंह, सुनील कुमार, प्रेम प्रकाश, केशव प्रसाद, गुरु प्रसाद, शंकर सिंह, ओमप्रकाश सहित देशभर से आए श्रद्धालु एवं अनुयायी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।


























