मथुरा 16 जून । केडी विश्वविद्यालय के चिकित्सा-शिक्षा संस्थान केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को गरिमामय तरीके से मनाने के लिए सोमवार 15 जून को योग सप्ताह का शुभारम्भ संस्थान के चेयरमैन और जिला प्रशासन से नोडल अधिकारी नियुक्त श्री मनोज अग्रवाल ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण अग्रवाल, कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी तथा कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को योग की महत्ता बताई। योग सप्ताह के दूसरे दिन मेडिकल छात्र-छात्राओं ने नाटक, पोस्टर, रंगोली, स्लोगन आदि के माध्यम से योग की महत्ता समझाई। चेयरमैन श्री अग्रवाल ने मेडिकल छात्र-छात्राओं को तन-मन से स्वस्थ रहने के लिए नियमित योग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस साल की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” इस बात पर जोर देती है कि योग केवल फिटनेस का माध्यम नहीं बल्कि बढ़ती उम्र में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य बनाए रखने का भी प्रभावी तरीका है। श्री अग्रवाल ने कहा कि योग मनुष्य को तन-मन से स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा माध्यम है।
कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी ने छात्र-छात्राओं को बताया कि भारतीय प्राचीन योग परम्परा आज दुनिया भर में स्वीकार्य है। सही मायने में कहें तो वर्ष 2015 से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य अभियानों में से एक बन चुका है, इस दिन दुनिया भर में करोड़ों लोग योगाभ्यास करते हैं। साथ ही योग के शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक लाभों को अपनाने का संकल्प भी लेते हैं। डॉ, लाहौरी ने कहा कि योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं है बल्कि यह जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का भी एक प्रभावी तरीका है। कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि साल 2026 का योग दिवस कई मायनों में खास है। बदलती जीवनशैली, बढ़ती उम्र के साथ होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं और मानसिक तनाव जैसी चुनौतियों के बीच इस बार की थीम लोगों को स्वस्थ और सक्रिय जीवन की दिशा में प्रेरित करने का संदेश देती है। डॉ. अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को आयुष मंत्रालय भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों की जानकारी दी।
योग सप्ताह के दूसरे दिन केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने भाषण, नाटक, पोस्टर, रंगोली, स्लोगन और योगासन प्रतियोगिता में सहभागिता करने वाले छात्र-छात्राओं तथा उपस्थित लोगों को बताया कि योग में शारीरिक शक्ति, मानसिक लचीलापन और आध्यात्मिक संतुलन को पोषित करने की क्षमता होती है लिहाजा हमें योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। विश्वविद्यालय की स्पोर्ट्स और कल्चरल कमेटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उप-प्राचार्या डॉ. गगनदीप कौर, डॉ. वी.पी. पांडेय आदि ने भी योग की खूबियां बताईं। स्पोर्ट्स और कल्चरल कमेटी की चेयरपरसन डॉ. अमनजोत कौर चौहान और को-चेयरपरसन डॉ. राहुल गोयल ने अतिथियों का स्वागत किया। मेडिकल छात्र-छात्राओं ने पोस्टर, रंगोली, स्लोगन आदि के माध्यम से योग की खूबियों और आवश्यकता को जिस तरह से समझाया उसकी निर्णायकों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा कर विजेता तथा उपविजेता छात्र-छात्राओं की घोषणा की। अंत में अतिथियों ने उन्हें प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर डॉ. सोनम बिलावारिया, डॉ. सुनील सहित बड़ी संख्या में संकाय सदस्य उपस्थित रहे।


























