जिलाधिकारी अतुल वत्स ATULVATS ने हमारा हाथरस को बताया कि खतौनी किसानों का महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेख है। इसमें नाम गलत होने की स्थिति में अब पूरी प्रक्रिया शत-प्रतिशत डिजिटल कर दी गई है। किसान घर बैठे आवेदन करने के साथ-साथ अपने आवेदन की स्थिति भी मोबाइल एप के माध्यम से ट्रैक कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए केवल आधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी। आधार ओटीपी के जरिए किसान का डिजिटल सत्यापन हो जाएगा और किसी अन्य दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसी प्रकार की सहायता या शिकायत के लिए किसान कोल, इगलास, गभाना, खैर और अतरौली तहसील कार्यालयों से संपर्क कर सकते हैं। खतौनी में नाम सही होने से पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। साथ ही भूमि संबंधी विवादों के समाधान में भी मदद मिलेगी। जिलाधिकारी अतुल वत्स ATULVATS ने बताया कि खतौनी में नाम सुधार की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है। किसान अब घर बैठे ओटीपी के माध्यम से आवेदन कर 24 घंटे में नाम संशोधन करा सकते हैं।उन्होंने कहा कि भूलेख पोर्टल upbhulekh.gov.in पर केवल आधार कार्ड ओटीपी से आवेदन कर सकते हैं और आवेदन की स्थिति भी मोबाइल ऐप पर आसानी से ट्रैक कर सकते हैं।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन:
- भूलेख पोर्टल पर जाएं।
- आधार कार्ड और लिंक मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
- ओटीपी सत्यापन पूरा करें।
- नाम सुधार हेतु आवेदन दर्ज करें।
- आवेदन की स्थिति मोबाइल एप या पोर्टल पर ट्रैक करें।