
हाथरस 12 जून। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के आह्वान पर हाथरस में व्यापारियों ने वरिष्ठ अधिशासी अभियंता विद्युत को ज्ञापन सौंपकर बिजली बिलों पर प्रस्तावित 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार को तत्काल वापस लेने की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद द्वारा जून माह से ईंधन अधिभार लगाए जाने की घोषणा से व्यापार जगत में भारी आक्रोश है।
ज्ञापन में कहा गया कि ईंधन अधिभार लगाने से पूर्व नियामक आयोग से अनुमति नहीं ली गई है। जबकि घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर पहले से ही फिक्स चार्ज, मिनिमम चार्ज तथा 7.5 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी का भार डाला जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि विद्युत दरों का निर्धारण नियामक आयोग द्वारा प्रत्येक वर्ष समीक्षा और जनसुनवाई के बाद किया जाता है, ऐसे में बीच सत्र में बिजली दरों में वृद्धि करना अनुचित है। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी कि इस बढ़ोतरी से उद्योग और व्यापार की लागत बढ़ेगी, जिससे छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। साथ ही महंगाई बढ़ने का भी खतरा रहेगा। व्यापारियों ने सरकार से जनहित में ईंधन अधिभार के नाम पर की जा रही 10 प्रतिशत बढ़ोतरी को समाप्त करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष मनोज अग्रवाल (राय वाले), जिला चेयरमैन कपिल अग्रवाल, युवा महामंत्री पश्चिम संभाग संजीव अग्रवाल, उद्योग मंच अध्यक्ष नन्नूमल गुप्ता, नगर अध्यक्ष मनोज बूटिया, नगर महामंत्री मनोज वर्मा, जिला महामंत्री उद्योग मंच नितिन वार्ष्णेय, प्रदेश संगठन मंत्री ग्राहक पंचायत राजेंद्र अग्रवाल एडवोकेट सहित अनेक व्यापारी उपस्थित रहे।


























