Hamara Hathras

Latest News

हाथरस 12 जून । ग्राम चमरुआ में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान रात्रिकालीन विराट कवि सम्मेलन का आयोजन भक्ति, साहित्य और संस्कृति के अद्भुत संगम के रूप में संपन्न हुआ। ग्राम प्रधान रामसेवक रावत के मार्गदर्शन एवं सुरेश चंद शर्मा के संयोजन में आयोजित इस कवि सम्मेलन की अध्यक्षता संत प्रवर पंडित रामलखन मिश्र ने की, जबकि मुख्य अतिथि ब्रज कला केंद्र के अध्यक्ष एवं कांग्रेस कोऑर्डिनेटर चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ आशुकवि अनिल बोहरे ने किया। कार्यक्रम निदेशक एवं काका स्मारक समिति के सचिव डॉ. जितेंद्र शर्मा ने सभी अतिथियों एवं कवियों का अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया। मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसके बाद कवयित्री मीरा दीक्षित की सरस्वती वंदना ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कवि सम्मेलन में साहित्यकार चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने भक्ति और संस्कृति पर आधारित रचना प्रस्तुत की, वहीं ग़ाफ़िल स्वामी ने मातृशक्ति की महिमा का गुणगान किया। हास्य कवि पंडित हाथरसी और शाजापुर से आए सुखबीर सिंह ‘सुक्खी’ ने अपनी व्यंग्य एवं हास्य रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। ओजस्वी कवि चेतन उपाध्याय ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कविताओं के माध्यम से देशप्रेम का संदेश दिया। कवयित्री मीरा दीक्षित और मनु दीक्षित ने महिला सम्मान, संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी। युवा कवि यश कौशिक ने आधुनिक जीवन और मोबाइल संस्कृति पर हास्यपूर्ण प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम के समापन पर आशुकवि अनिल बोहरे ने अपनी चर्चित तीन शब्दों की कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन में भक्ति, ओज, हास्य और श्रृंगार रस की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को बांधे रखा। कार्यक्रम को सफल बनाने में देवेश रावत, लक्ष्मी रावत, योगेश रावत एवं भारती रावत का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर मनीषा शर्मा, रामदत्त शर्मा, मुकेश रावत, लक्ष्मी नारायण शर्मा, डॉ. देवेंद्र शर्मा, शशि प्रभा शर्मा सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page