
सादाबाद 02 जून । क्षेत्र के युवा की अग्निवीर में चयन के एक दिन बाद अचानक मौत हो गई। सुबह अचानक युवक को सिर दर्द और घबराहट महसूस हुई। घर वालों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन आगरा ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। घर में खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। रात तक जहां बधाई देने वालों का तांता लगा था, वहीं सुबह सांत्वना देने वालों की भीड़ लग गई। घर वालों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इंकार कर दिया और अंतिम संस्कार कर दिया। पूरा मामला क्षेत्र के गांव मोनिया का है।
मोनिया गांव के रहने वाले ओमवीर सिंह किसान हैं। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे और तीन बेटियां हैं। सबसे बड़ा 20 वर्षीय बेटा ओमवीर शुरू से पढ़ाई में होनहार था। शुरुआती पढ़ाई नवोदय विद्यालय से करने के बाद घर पर ही रहकर तैयारी की। घर वालों ने बताया कि बचपन से ही राहुल का सपना देश सेवा का था। सोमवार को उसके अग्निवीर में चयन की सूचना मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का घर पर तांता लग गया। मिठाइयां बांटी गईं और देर रात तक जश्न का माहौल बना रहा। परिजनों के अनुसार, सोमवार रात तक राहुल पूरी तरह स्वस्थ था। लेकिन मंगलवार सुबह अचानक उसे तेज सिरदर्द और घबराहट महसूस हुई। देखते ही देखते उसकी हालत गंभीर होने लगी। घबराए परिजन उसे तत्काल सादाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए उसे आगरा रेफर कर दिया। घर वाले राहुल को आगरा ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पूरे मोनिया गांव समेत सादाबाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। सादाबाद के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दानवीर सिंह ने बताया कि युवक को जब हॉस्पिटल लाया गया तब वह बेहोशी की हालत में था। इलाज की पूरी कोशिश की गई, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे आगरा रेफर किया गया था। आगरा ले जाते समय रास्ते में युवक की मौत हो गई। इंस्पेक्टर क्राइम जेपी सिंह का कहना है कि युवक की मौत की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है ना ही उनके पास कोई इस तरह की सूचना आई है। इधर, परिवार के लोगों ने मृतक युवक के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है और पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी है। गांव के बाहर ही खेत में युवक का अंतिम संस्कार कर दिया।
























