
हाथरस 15 मई। कलेक्ट्रेट सभागार में 15वें वित्त आयोग तथा अवस्थापना निधि के अंतर्गत अवशेष एवं प्राप्त धनराशि से कराए जाने वाले विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए प्राप्त प्रस्तावों की स्वीकृति संबंधी बैठक जिलाधिकारी Atul Vats की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित कार्यों के अनुमोदन से लेकर पूर्ण होने तक उनका नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जाए तथा अवशेष एवं अपूर्ण कार्यों को तय समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए। साथ ही नए स्वीकृत कार्यों की टेंडर प्रक्रिया समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपलब्ध धनराशि का उपयोग स्थानीय नागरिकों के हित में पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से किया जाए तथा सही स्थानों पर आवंटन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों की प्रगति की निरंतर निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना के सभी बिंदुओं का सही ढंग से पालन हो। उन्होंने नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्षों एवं अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। बैठक का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों की गति बढ़ाना, नागरिक सेवाओं में सुधार लाना तथा आमजन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करना बताया गया। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रस्ताव सदन की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार किए जाएं ताकि योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंच सके। नगर निकायों में गीले एवं सूखे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अवैध कॉलोनियों एवं अनियोजित बसावट को बढ़ावा न दिए जाने पर विशेष जोर दिया गया। नए हैंडपंप एवं वाटर कूलर स्थापित करने से पूर्व संबंधित उपजिलाधिकारी द्वारा स्थलों का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए। ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थलों पर शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। आगामी वर्षा ऋतु के मद्देनजर मुख्य नालों एवं नालियों की सिल्ट सफाई के लिए विशेष अभियान चलाने तथा निकाली गई सिल्ट का समयबद्ध उठान कराने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त हैंड पाइप रिबोर से निकले पुराने पाइपों का उपयोग गौशालाओं में टीन शेड निर्माण कार्य में किए जाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विकास कार्यों हेतु धनराशि उपलब्ध है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा कार्य पूर्ण होने के उपरांत संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं ठेकेदारों का भुगतान नियमानुसार समय से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण पर विशेष बल दिया।


























