
हाथरस 08 मई । जनपद में पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कलेक्ट्रेट परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने विभिन्न पटलों और कार्यालयों की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा और कर्मचारियों को जनसेवा के प्रति संवेदनशील रहने की कड़ी चेतावनी दी। निरीक्षण की शुरुआत उस वक्त एक बड़े घटनाक्रम में बदल गई जब जिला अनुश्रवण समिति की बैठक के बाद कलेक्ट्रेट से बाहर निकलते समय एक फरियादी ने डीएम को रोक लिया। फरियादी ने अंत्योदय राशन कार्ड बनने में हो रहे अनावश्यक विलंब की शिकायत की। मामला गंभीर देख जिलाधिकारी सीधे जिला पूर्ति कार्यालय जा धमके। वहां उन्होंने पंजिकाओं की जांच की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी पात्र व्यक्ति को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकरण में पात्रता है, तो उसका निस्तारण बिना किसी देरी के सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट स्थित आयुध अनुभाग, वीआईपी सहायक कार्यालय, डूडा (DUDA) कार्यालय और राजस्व अभिलेखागार का भी सघन निरीक्षण किया। डीएम ने नकल प्राप्त करने के लिए आए आवेदनों, निर्धारित शुल्क और नकल रजिस्टर का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि नकल प्रदान करने के बाद आवेदक के हस्ताक्षर रजिस्टर पर अनिवार्य रूप से कराए जाएं ताकि समयबद्धता सुनिश्चित हो सके। कर्मचारियों से उनके दायित्वों की जानकारी लेते हुए डीएम ने कहा कि कार्यालय में अनुशासन बनाए रखें और जनता के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करें। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेताया कि जनसुनवाई और शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई खर्च कर दफ्तर पहुंचता है, उसकी समस्या को गंभीरता से सुनना और समाधान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन स्तर से कभी भी औचक निरीक्षण हो सकते हैं, इसलिए सभी विभाग अपने कार्यों में पारदर्शिता और सक्रियता बनाए रखें। इस दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी, पटल सहायक और कलेक्ट्रेट स्टाफ मौजूद रहा।























