
हाथरस 08 मई । उच्च न्यायालय इलाहाबाद एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार व जनपद न्यायाधीश विनय कुमार के आदेशानुसार, जनपद न्यायालय हाथरस में तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोजित इस अदालत में कुल 25 लघु आपराधिक वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।विशेष लोक अदालत में विभिन्न न्यायिक अधिकारियों के न्यायालयों से मामलों का निस्तारण हुआ। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आकांक्षा गर्ग ने 08 वादों का निस्तारण कर 6500 रुपये अर्थदण्ड वसूला गया।अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) दीपकनाथ सरस्वती ने 12 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया। सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/त्वरित न्यायालय ईशा अग्रवाल ने एक वाद का निस्तारण किया।सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/त्वरित न्यायालय अर्जित सिंह ने एक वाद का निस्तारण किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट सिकन्द्राराऊ दीपा सैनी ने एक वाद का निस्तारण किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट सादाबाद नेपाल सिंह ने दो वादों का निस्तारण किया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार, प्रभारी सचिव जयहिन्द कुमार सिंह सहित समस्त न्यायिक अधिकारी और अधिवक्तागण उपस्थित रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव जयहिन्द कुमार सिंह ने जानकारी दी कि कल, 09 मई 2026 को जनपद में विशाल राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें दीवानी, राजस्व, मोटर वाहन दुर्घटना, पारिवारिक विवाद, बैंक वसूली, धारा 138 एन.आई. एक्ट, विद्युत चोरी और जलकर जैसे मामलों का निस्तारण किया जाएगा। प्रभारी सचिव ने जनता से अपील करते हुए कहा कि लोक अदालत के माध्यम से समय और धन दोनों की बचत होती है। यहाँ निस्तारित मामलों की कोई अपील नहीं होती, जिससे विवाद हमेशा के लिए खत्म हो जाता है और दोनों पक्षों की जीत होती है। विशेष बात यह है कि आपसी सुलह से निस्तारित सिविल वादों में जमा की गई कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है।























