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सादाबाद 25 जून।ई-रजिस्ट्री व्यवस्था, फ्रंट ऑफिस प्रणाली और उप निबंधन कार्यालयों के निजीकरण के विरोध में दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और अधिवक्ताओं की हड़ताल गुरुवार को 16वें दिन भी जारी रही। सादाबाद में लगातार चल रही हड़ताल के कारण उप निबंधक कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा है। बैनामा, रजिस्ट्री, शपथ पत्र और अन्य आवश्यक कार्य प्रभावित होने से किसानों, मजदूरों, छात्रों, बेरोजगार युवाओं और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार सुबह स्टांप विक्रेताओं, दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर ताला लगाकर उप निबंधक कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावित प्रावधानों को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार की नई व्यवस्था से वर्षों से इस कार्य से जुड़े हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। उनका आरोप है कि ऑनलाइन प्रक्रिया और ई-पेमेंट व्यवस्था लागू होने के बाद स्टांप विक्रेताओं की आय पहले ही काफी कम हो चुकी है। धरना स्थल पर समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल भी पहुंचे और उन्होंने आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और अधिवक्ताओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। अग्रवाल ने जोर दिया कि इस व्यवस्था के लागू होने से बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी और कई लोग बेरोजगारी की स्थिति में पहुंच जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फ्रंट ऑफिस और नई ई-रजिस्ट्री प्रणाली को पूरी तरह लागू कर दिया गया तो इन लोगों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट आ जाएगा। धरनारत लोगों ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि विधानसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर सरकार पर नई व्यवस्था को वापस लेने का दबाव बनाया जाए। धरना-प्रदर्शन में श्याम सुंदर गिरी, राजकुमार दीक्षित, हरिशंकर गिरी, एडवोकेट मनु जायसवाल, मन्नू जायसवाल, तेज बहादुर सिंह, जुगेंद्र सिंह, हरिदत्त शर्मा, सोमदत्त, देवकीनंदन सिंह, दिनेश चंद शर्मा, नंदकिशोर एडवोकेट, अशोक कुमार सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता और अधिवक्ता मौजूद रहे।

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