
हाथरस 08 मई । राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत संचालित 100 दिवसीय ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत जनपद के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) स्वाति भारती से समन्वय स्थापित कर विभाग के समस्त कर्मचारियों को कार्यक्रम की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बैठक के दौरान अपील की गई कि जनपद के सभी स्कूलों में टीबी के प्रति जागरूकता पैदा करने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑडियो और वीडियो चलवाए जाएं। इससे विद्यार्थियों को क्षयरोग के लक्षणों और बचाव की जानकारी मिल सकेगी, ताकि वे समाज में भी जागरूकता लाने के दूत बन सकें। राज्य स्तर से निर्धारित अपेक्षित बिंदुओं पर चर्चा करते हुए बताया गया कि स्कूलों की सहभागिता से ही इस बीमारी का समूल उन्मूलन संभव है।
जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर ने बताया कि टीबी और एचआईवी की जांच सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध है। एमडीआर टीबी की जांच के लिए आधुनिक ‘सीबी नाट’ (CB-NAAT) मशीन द्वारा निशुल्क परीक्षण किया जाता है। टीबी की पुष्टि होने पर मरीज का इलाज नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से निशुल्क कराया जाता है। इसके साथ ही सरकार द्वारा ‘निक्षय पोषण योजना’ के तहत मरीज के खाते में इलाज चलने तक 1000 रुपये प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उच्च जोखिम वाले जनसंख्या समूहों तक पहुँचने के लिए ‘हैंडहेल्ड एक्स-रे’ मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मौके पर ही त्वरित स्क्रीनिंग संभव हो पा रही है। इस अवसर पर बीएसए स्वाति भारती ने शिक्षा विभाग की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि शिक्षक और छात्र मिलकर टीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में कार्यालय के समस्त कर्मचारी व स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित रही।

























