
हाथरस 06 मई । शासन के निर्देशानुसार वृद्धावस्था पेंशन की पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया को अब और अधिक पारदर्शी व सख्त बना दिया गया है, जिसके तहत आवेदकों के लिए ‘जन्म संबंधी साक्ष्य’ अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नए नियम के लागू होने से जनपद हाथरस में अप्रैल 2024 से लंबित पड़े करीब 7,000 आवेदनों को शासन स्तर से वापस पोर्टल पर भेज दिया गया है, क्योंकि जब तक उम्र की पुष्टि के लिए निर्धारित दस्तावेज संलग्न नहीं होंगे, पेंशन स्वीकृति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी सरिता सिंह ने बताया कि इन सभी लंबित आवेदनों के सुधार हेतु संबंधित बुजुर्गों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) भेजा जाएगा, जिसके बाद उन्हें उसी जन सेवा केंद्र पर जाकर साक्ष्य दोबारा अपलोड कराने होंगे जहाँ से उन्होंने पूर्व में आवेदन किया था।
नए मानकों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र के बुजुर्गों को ‘परिवार रजिस्टर की नकल’ या शैक्षिक दस्तावेज और शहरी क्षेत्र के आवेदकों को ‘पैन कार्ड’ या ‘शैक्षिक प्रमाणपत्र’ जैसे ठोस प्रमाण देने होंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी तकनीकी रुकावट से बचने के लिए 150 नए आवेदनों को भी पोर्टल पर वापस किया गया है ताकि आवेदक स्वयं ही सही जन्म साक्ष्य पोर्टल पर दर्ज कर सकें। समाज कल्याण विभाग की इस सख्ती से उन बुजुर्गों की चिंता बढ़ गई है जो पिछले दो वर्षों से पेंशन की राह देख रहे थे, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मेसेज मिलते ही साक्ष्य अपलोड करने पर रुकी हुई पेंशन की धनराशि जल्द जारी कर दी जाएगी।
























