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मथुरा 04 मई । आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में तकनीकी ज्ञान और कोडिंग स्किल्स ही पर्याप्त नहीं है। यदि करियर को सफलता के शिखर तक पहुंचाना है तो स्पष्ट संचार, टीमवर्क और समस्या समाधान की क्षमता को विकसित किया जाना बहुत जरूरी है। यह बातें राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट, मथुरा द्वारा बियॉण्ड द कोड विषय   पर आयोजित अतिथि व्याख्यान में मुख्य वक्ता प्रशान्त चौधरी ने छात्र-छात्राओं को बताईं। अतिथि व्याख्यान का शुभारम्भ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा माल्यार्पण कर किया गया।

मुख्य वक्ता प्रशान्त चौधरी ने छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ उद्योग जगत की वर्तमान आवश्यकताओं एवं भविष्य की चुनौतियों से अवगत कराते हुए आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन तथा कोडिंग से आगे के करियर अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल तकनीकी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है बल्कि विद्यार्थियों को कम्युनिकेशन स्किल, प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी, टीमवर्क तथा इनोवेटिव सोच को भी विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्योग जगत में सफल होने के लिए निरन्तर सीखते रहने और नई तकनीकों को अपनाने पर बल दिया।

अपने व्याख्यान के दौरान उन्होंने विभिन्न वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया कि किस प्रकार तकनीक तेजी से बदल रही है और इसके साथ स्वयं को अपडेट रखना कितना जरूरी है। अतिथि व्याख्यान के दौरान छात्र-छात्राओं ने कई तरह के प्रश्न पूछे तथा करियर से जुड़ी अनेक जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अतिथि वक्ता का स्वागत दीपक सिंह ने पटका पहनाकर किया।

संस्थान के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल तथा मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार के अतिथि व्याख्यान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि राजीव एकेडमी का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक एवं प्रोफेशनल ज्ञान प्रदान करना भी है ताकि वे भविष्य में एक सफल प्रोफेशनल बनकर स्वयं और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकें।

संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने मुख्य वक्ता का बहुमूल्य समय एवं योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को उनके अनुभवों एवं विशेषज्ञता से नई दिशा प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें नई सम्भावनाओं से परिचित कराते हैं। व्याख्यान के अंत में विभागाध्यक्ष एमबीए डॉ. विकास जैन ने वोट ऑफ थैंक्स प्रस्तुत करते हुए अतिथि वक्ता तथा प्राध्यापकों का आभार मानते हुए छात्र-छात्राओं से टीमवर्क और समस्या समाधान की क्षमता को विकसित करने का आह्वान किया।

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