
हाथरस 30 अप्रैल। प्रदेश सरकार गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण प्रक्रिया पर काम कर रही है। 74 किमी लंबे इस लिंक एक्सप्रेसवे का 54 किमी हिस्सा बुलंदशहर और 20 किमी हिस्सा गौतमबुद्धनगर में होगा। इसके शुरू होने से अलीगढ़ की कनेक्टिविटी सीधे मुंबई और पूर्वी उत्तर प्रदेश से हो जाएगी। इससे हाथरस के उद्योग को वैश्विक पंख लगेंगे। साथ ही जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए स्थानीय लोगों को एक और कनेक्टिविटी मिल जाएगी। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) मई माह तक इस प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को सौंप देगा। इसके बाद परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे की चौड़ाई 120 मीटर रखी गई है। यह मार्ग बुलंदशहर के सयाना से शुरू होकर यमुना सिटी की फिल्म सिटी के पास जुड़ेगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा लाभ अलीगढ़ और हाथरस के औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा। इससे मुंबई या नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए लगने वाला समय और ट्रैफिक की बाधाएं खत्म हो जाएंगी। यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार, इस मार्ग के जरिए अलीगढ़ का जुड़ाव देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और जेवर स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बेहद सुगम हो जाएगा।
हाथरस के उद्योग जगत में उत्साह
उद्योगपति प्रदीप गोयल ने बताया कि यह लिंक एक्सप्रेसवे अलीगढ़ के उद्योग जगत के लिए ग्रोथ इंजन साबित होगा, जो जेवर एयरपोर्ट और दोनों एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच प्रदान कर लॉजिस्टिक्स लागत और समय में भारी कटौती करेगा। इससे हाथरस का सामान सभी जगह पहुँच सकेगा। उद्योगपति आशीष बंसल ने बताया कि इस कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी। लिंक एक्सप्रेसवे बनने से जिले का माल कम समय में पोर्ट्स और एयरपोर्ट्स तक पहुंच सकेगा। यह न केवल व्यापारिक समय बचाएगा, बल्कि पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच एक मजबूत आर्थिक सेतु का काम करेगा।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
परियोजना को सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।डीपीआर स्वीकृत होते ही भूमि अधिग्रहण और निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा सुगम बनाएगा, बल्कि इसके दोनों ओर औद्योगिक गलियारों के विकसित होने की भी संभावना है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

























