
मथुरा 27 अप्रैल । केडी विश्वविद्यालय के चिकित्सा शिक्षा संस्थान केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केन्द्र (यूएचटीसी), कोटा में आज टीकाकरण सप्ताह का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर चिकित्सकों ने ग्रामीणों को टीकाकरण के फायदे बताए। टीकाकरण सप्ताह का समापन 30 अप्रैल को किया जाएगा।
टीकाकरण सप्ताह के शुभारम्भ अवसर पर उप-प्रधानाचार्य और विभागाध्यक्ष सामुदायिक चिकित्सा डॉ. गगनदीप कौर ने बताया कि टीकाकरण आमजन के लिए एक सुरक्षा कवच है, जो बच्चों और बड़ों को पोलियो, खसरा, टिटनेस जैसी गम्भीर बीमारियों से बचाता है। यह न केवल जान बचाता है बल्कि महंगे इलाज के खर्च से बचाकर आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करता है। डॉ. कौर ने कहा कि टीके बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि बहुत से लोग मानते हैं कि टीका लगवाने से साइड इफेक्ट हो सकता है जोकि एक मिथक है। टीके सुरक्षित हैं और इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। इसलिए, टीका लगवाना आपको स्वस्थ रखने और हानिकारक बीमारियों से बचाने का एक सुरक्षित उपाय है। विभागाध्यक्ष सामुदायिक चिकित्सा डॉ. गगनदीप कौर ने बताया कि सभी विकसित और विकासशील देशों में नियमित टीकाकरण का सफल वितरण सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की एक मूलभूत सेवा है, जो पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में रुग्णता और मृत्यु दर को कम करने के सबसे किफायती तरीकों में से एक है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम हर पीढ़ी के लिए, टीके कारगर हैं, रखी गई है। यह थीम इस बात का संकेत है कि टीकाकरण से प्रत्येक व्यक्ति हर तरह की बीमारी से प्रतिरक्षित हो जाता है। सत्र के दौरान डॉ. गगनदीप कौर, डॉ. अभिनव आनंद, डॉ. श्वेता सिंह और डॉ. शुभ्रा दुबे ने ग्रामीण महिलाओं को टीका-निवारक रोगों, अनुशंसित टीकाकरण कार्यक्रम का पालन करने के महत्व और टीकाकरण के बाद होने वाले प्रतिकूल प्रभावों (एईएफआई) की विस्तार से जानकारी देते हुए टीकाकरण को लेकर लोगों की चिंता और गलतफहमी को दूर किया। टीकाकरण सप्ताह के समन्वयक डॉ. कपिल देव और डॉ. गुंजन ने यूएचटीसी, कोटा में पूर्ण और समय पर टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए, आयु के अनुसार पूर्णरूप से टीका लगवा चुके बच्चों को पुरस्कृत किया। इस जागरूकता अभियान में अशोक, इंद्रपाल, सुलक्षा और कृष्णा का सक्रिय सहयोग रहा। केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के चेयरमैन मनोज अग्रवाल तथा डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की। डॉ. अशोका ने बताया कि टीकाकरण सप्ताह का मुख्य उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और टीकाकरण दर में वृद्धि करना है ताकि सभी उम्र के लोगों को हर तरह की बीमारियों से बचाया जा सके। डॉ. अशोका ने अपने संदेश में कहा कि समय से टीके नहीं लगवाने से हेपेटाइटिस बी, टाइफाइड और फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न टीके बीमारी को कम करने की बजाय, रोग होने से पहले ही रोगाणुओं को पहचानने और उनसे लड़ने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शुभ्रा दुबे ने किया।
























