
हाथरस 18 अप्रैल । विश्व विरासत दिवस के अवसर पर शहर की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से जाइंट्स ग्रुप ऑफ हाथरस डायमंड द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय धरोहरों के प्रति जन-जागरूकता फैलाने और उनके ऐतिहासिक महत्व को नई पीढ़ी तक पहुँचाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत हाथरस की लगभग 250 वर्ष पुरानी प्राचीन ‘बाग वाली मैया’ मंदिर की महत्ता को उजागर किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं और संस्था की सदस्याओं ने मंदिर पहुँचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और शहर की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने के लिए पंडित राहुल चतुर्वेदी को अंगवस्त्र पहनाकर एवं भेंट देकर सम्मानित किया गया। संस्था की अध्यक्ष प्रभा वार्ष्णेय और सचिव आशु वार्ष्णेय ने संयुक्त रूप से कहा कि हाथरस की प्राचीन धरोहरें हमारी पहचान हैं और इन्हें सुरक्षित रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने हाथरस की ऐतिहासिक विरासतों को सहेजने और उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखने का संकल्प लिया। इस गरिमामयी अवसर पर गीता वार्ष्णेय, अंजू वार्ष्णेय, अर्चना एवं नीरू सहित अन्य सदस्याएं मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। पूरा वातावरण श्रद्धा, भक्ति और अपनी विरासत के प्रति गौरव की भावना से ओत-प्रोत नजर आया।


























