
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सुशांत विश्वविद्यालय की डा. सागरिका गोस्वामी ने विद्यार्थियों को भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं और वैश्विक स्तर पर करियर बनाने के लिए अपनी पेशेवर पहचान को निखारने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि आधुनिक समय में केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी कौशल के साथ-साथ स्वयं को एक ब्रांड के रूप में स्थापित करना भी अनिवार्य है। विभागाध्यक्ष डा. लव मित्तल ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के कौशल विकास कार्यक्रम जारी रहेंगे। वक्ताओं ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें करियर के प्रति जागरूक किया। समन्वयक डा. नितिन कुमार रहे। कार्यक्रम में डा. मनोज वार्ष्णेय, डा. हिमांशु शर्मा, दिव्या माहेश्वरी, दयाशंकर, पंकज, सनी आदि उपस्थित रहे। संचालन सत्य नारायण ने किया।























