
हाथरस 11 अप्रैल । नए शैक्षिक सत्र के आगाज के साथ ही स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया तेज हो गई है, लेकिन नगर पालिका में जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अभिभावकों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। प्रमाणपत्र मिलने में हो रही देरी के कारण कई बच्चों के स्कूल प्रवेश में बाधा आ रही है। नगर पालिका कार्यालय में प्रतिदिन 100 से 150 लोग अपने बच्चों का विवरण लेकर पहुँच रहे हैं, लेकिन सीमित संसाधनों और दस्तावेजों की जटिलता के कारण काम कछुआ गति से चल रहा है। स्थिति यह है कि रोजाना आने वाले लोगों में से करीब 50 अभिभावक उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के आदेश के साथ आते हैं, लेकिन पालिका प्रशासन प्रतिदिन केवल 50 से 60 प्रमाणपत्र ही जारी कर पा रहा है। इसके चलते लंबित आवेदनों का अंबार लगता जा रहा है। लिपिक गौरव शर्मा के अनुसार, दाखिले के सीजन के कारण भीड़ अचानक बढ़ी है और कई मामलों में दस्तावेज अधूरे होने के कारण फाइलें वापस करनी पड़ रही हैं।
हफ्तों से चक्कर काट रहे अभिभावक
नगर पालिका परिसर में अपनी व्यथा सुनाते हुए नगला बनारसी प्रहलाद निवासी विपिन कुमार ने बताया कि वे पिछले चार-पांच दिनों से भटक रहे हैं, लेकिन प्रमाणपत्र नहीं मिल सका है। वहीं, विद्यानगर निवासी लाखन सिंह ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वे आठ दिनों से चक्कर काट रहे हैं। स्कूल से लगातार दाखिले के लिए फोन आ रहे हैं, लेकिन यहाँ हर बार कोई नया कागज माँगकर उन्हें अगले दिन टाल दिया जाता है। प्रशासन की इस सुस्त कार्यप्रणाली से अभिभावकों में भारी आक्रोश है।






















