
हाथरस 20 मार्च । जनपद के थाना हाथरस गेट क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर हुए बहुचर्चित हत्याकांड और डकैती के मामले में शुक्रवार को न्यायालय (ADJ-02) ने अपना अंतिम फैसला सुनाया। न्यायालय ने घटना में शामिल पांचों मुख्य अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए ‘सश्रम आजीवन कारावास’ और अर्थदंड की कठोर सजा सुनाई है। उत्तर प्रदेश सरकार के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत हाथरस पुलिस की प्रभावी पैरवी ने इस न्याय को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। आपको बता दें कि घटना 11 अक्टूबर 2017 की है, जब एक बिना नंबर की वैगनआर कार में सवार होकर 5-6 बदमाश हाथरस गेट स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचे। टंकी फुल कराने के बाद जब सेल्समैन राजवीर ने पैसे मांगे, तो बदमाशों ने मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें संजीव नामक व्यक्ति की गोली लगने से मृत्यु हो गई। मामले में सोहम अग्रवाल की तहरीर पर हत्या सहित डकैती (धारा 396/412) का मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त शेखर मिश्रा, दीपक, राजन, कान्हा उर्फ देवी सिंह और मुकेश उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया था। विवेचक द्वारा साक्ष्य संकलन और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के उपरांत मात्र एक माह के भीतर 7 नवंबर 2017 को न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दी गई थी।
न्यायालय ने सुनाई यह सजा
न्यायालय ADJ-02 ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर शेखर मिश्रा को आजीवन कारावास और ₹25,000 अर्थदंड, मुकेश उर्फ छोटू को आजीवन कारावास और ₹25,000 अर्थदंड, दीपक को आजीवन कारावास और ₹20,000 अर्थदंड एवं साथ ही आर्म्स एक्ट में 5 वर्ष की अतिरिक्त सजा, कान्हा उर्फ देवी सिंह को आजीवन कारावास और ₹20,000 अर्थदंड एवं आर्म्स एक्ट में 2 वर्ष की अतिरिक्त सजा तथा राजन को आजीवन कारावास और ₹20,000 अर्थदंड और आर्म्स एक्ट में 3 वर्ष की अतिरिक्त सजा सुनाई है। पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा द्वारा न्यायालय में की गई सशक्त पैरवी का ही परिणाम है कि अपराधियों को उनके किए की सजा मिली। इस फैसले से अपराधियों में खौफ और आम जनता में न्याय के प्रति विश्वास बढ़ा है।

























