
हाथरस 04 जुलाई । साइबर अपराध से जुड़े मामले में रिपोर्ट दर्ज न होने का आरोप लगाते हुए एक पीड़ित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) न्यायालय की शरण ली। न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद थाना साइबर क्राइम पुलिस ने मामले में अभियोग पंजीकृत कर लिया है।
गांव नगला कुंवरजी, थाना हाथरस गेट निवासी अरुण कुमार ने सीजीएम न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी पुत्री पलक चौधरी, जो बीए द्वितीय वर्ष की मेधावी छात्रा है, के मोबाइल पर 3 दिसंबर 2025 को एक मोबाइल नंबर से धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में उनकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसके बाद उसी नंबर से तीन बार कॉल भी की गई, हालांकि उनकी बेटी ने कोई कॉल रिसीव नहीं की। अरुण कुमार का कहना है कि धमकी भरे संदेश और लगातार आ रही कॉल के कारण पूरा परिवार भय और दहशत के माहौल में है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के अगले दिन 4 दिसंबर 2025 को उन्होंने थाना साइबर क्राइम, हाथरस में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया और उन्हें लगातार टालती रही। प्रार्थी के अनुसार, जब थाने में सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से पुलिस अधीक्षक, हाथरस को भी शिकायत भेजी, लेकिन इसके बावजूद मामला दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद अरुण कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि मामला गंभीर एवं संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने न्यायालय से थाना साइबर क्राइम, हाथरस को उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने का आदेश देने की मांग की। मामले में न्यायालय की कार्यवाही के बाद थाना साइबर क्राइम पुलिस ने संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
Next News :-हाथरस चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एसोसिएशन ने पदोन्नत जीएसटी अधिकारियों का किया सम्मान
Advertisement Contact Us:- Basant Bagh, Water Works Colony, Hathras, Uttar Pradesh 204101










