अलीगढ़ 25 सितम्बर। मंगलायतन विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का 57वां स्थापना दिवस उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विश्वविद्यालय की सातों एनएसएस इकाइयों के सहयोग से आयोजित समारोह की जिम्मेदारी छठवीं इकाई ने संभाली। कार्यक्रम में स्वयंसेवक एंजिल ने एनएसएस की भावना पर आधारित कविता प्रस्तुत की। इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यूनिट-6 के स्वयंसेवकों ने नशा मुक्ति पर आधारित प्रभावशाली नाटक प्रस्तुत कर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले 19 एनएसएस स्वयंसेवकों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. दशोरा ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से राष्ट्र सेवा के लिए स्वयं को समर्पित करना ही एनएसएस का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय युवाओं में सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। विद्यार्थियों को परिवार से मिले संस्कारों को आत्मसात कर उन्हें समाज और राष्ट्रहित में व्यवहार में लाना चाहिए। कुलसचिव कमांडर मनोज के. ने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों को अनुशासन में रहते हुए समाज सेवा के लिए प्रेरित करता है। इसके माध्यम से युवाओं में सेवा, जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकार की भावना जागृत होती है। एनएसएस समन्वयक डॉ. पूनम रानी ने स्वागत संबोधन में कहा कि एनएसएस स्वयंसेवकों को सदैव दूसरों के लिए सेवा भाव से कार्य करने की प्रेरणा देता है। सामाजिक एकता और सद्भाव को मजबूत करने में एनएसएस की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. मनीषा उपाध्याय, नितिन कांत कुलश्रेष्ठ, भावना राज, डॉ. प्रत्यक्ष पांडेय, डॉ. दीपोक, डॉ. मनीष राव एवं डॉ. रामगोपाल का सहयोग रहा। इस अवसर पर प्रो. दिनेश पांडेय, डॉ. प्रमोद शर्मा, प्रो. आर.के. शर्मा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।