हाथरस 19 अगस्त। पहल “पंख स्नेल लेटर राइटिंग” के अंतर्गत 19 अगस्त 2026 को थाना कोतवाली सदर क्षेत्र स्थित श्री सीएलआरएन सेकसरिया इंटर कॉलेज में बच्चों को नियमित पत्र एवं रचनात्मक लेखन के लिए प्रेरित करने हेतु कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक स्वयं मौजूद रहे और उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें कागज और कलम के माध्यम से अपने विचारों, भावनाओं, सपनों एवं कल्पनाओं को व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कागज पर लिखे शब्द केवल शब्द नहीं होते, बल्कि उनमें बच्चों के विचार, भावनाएं, सपने और भविष्य की कल्पनाएं होती हैं। नियमित लेखन से सोचने, समझने, कल्पना करने तथा अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने बच्चों से प्रतिदिन कुछ समय कागज और कलम के लिए निर्धारित करने तथा अपने अनुभव, नए विचार, पढ़ी गई किताब से मिली सीख और भविष्य के सपनों को लिखने की आदत विकसित करने का आह्वान किया।
“पंख” पहल का उद्देश्य बढ़ते स्क्रीन टाइम के बीच बच्चों को कुछ समय मोबाइल एवं डिजिटल माध्यमों से दूर कर कागज और कलम से जोड़ना, उनकी लेखन क्षमता एवं रचनात्मक सोच को विकसित करना तथा उन्हें अपने मन की बात स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने के लिए सकारात्मक मंच उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर पत्र एवं लेख लिखने के लिए प्रेरित किया गया। इन विषयों में आधुनिक युग में बच्चों के लिए मूलभूत जीवन मूल्यों की वापसी, दादा-दादी एवं नाना-नानी से जुड़ाव, भारतीय होने पर गर्व, लेखन की आदत विकसित करना, समय का सदुपयोग एवं समय प्रबंधन, माता-पिता के समय की आवश्यकता, अपने सपनों एवं भविष्य की दिशा, राष्ट्र निर्माण में बच्चों की भूमिका, बचत की आदत, शिक्षा का जीवन निर्माण में महत्व, स्क्रीन टाइम से स्मार्ट टाइम, खेल-किताबें एवं प्रकृति का महत्व, अनुशासन एवं जिम्मेदारी, बच्चों के लिए सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण तथा नीति निर्माण में बच्चों की आवाज जैसे विषय शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बच्चों को केवल भौतिक सुविधाओं की ही नहीं, बल्कि माता-पिता के समय, परिवार के मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने बच्चों को अपने विचारों एवं अनुभवों को पत्रों के माध्यम से व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि उनकी रचनात्मकता को नई दिशा मिल सके और उनके विचारों को “पंख” मिल सकें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में पत्र लेखन एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए और नियमित रूप से कागज-कलम के माध्यम से लेखन करने का संकल्प लिया। पुलिस अधीक्षक की इस पहल को बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और लेखन कौशल विकसित करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास बताया गया।














