
हाथरस 29 सितम्बर। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय, हाथरस में राजभाषा हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और हिंदी के प्रति अपनी रुचि, रचनात्मकता तथा लेखन कौशल का प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंदी प्रश्नोत्तरी, हिंदी लेखन सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बैंकिंग कार्यों में राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की। क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के प्रभावी संप्रेषण के लिए हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों से उनकी सहज और स्थानीय भाषा में संवाद स्थापित करने से बैंकिंग सेवाएं अधिक प्रभावी और जनसुलभ बनती हैं। बैंकिंग सेवाओं को आम लोगों तक सरल तरीके से पहुंचाने में भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप मोहन दीक्षित ने हिंदी के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश के साथ-साथ विदेशों में भी हिंदी बोलने और समझने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। समय के साथ हिंदी का व्यापक विकास हुआ है और यह जनमानस की सहज एवं लोकप्रिय भाषा के रूप में निरंतर विकसित हो रही है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लगभग 125 वर्ष पुरानी एक पुस्तक पढ़ते समय उन्हें उसकी भाषा वर्तमान हिंदी की तुलना में अधिक कठिन लगी। उन्होंने कहा कि आज की हिंदी पहले की अपेक्षा अधिक सरल, सहज और जनसामान्य के लिए सुगम हो गई है। बदलते समय के साथ हिंदी में नए शब्दों एवं अभिव्यक्तियों का समावेश हो रहा है, जिसके कारण यह निरंतर विकासशील भाषा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा दिलाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ उन्हें हिंदी का समुचित ज्ञान देना भी जरूरी है। मातृभाषा एवं राजभाषा का ज्ञान बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने के साथ-साथ उन्हें प्रभावी संवाद के लिए भी सक्षम बनाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य बैंक के दैनिक कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हिंदी के प्रति रुचि और जागरूकता विकसित करना रहा। प्रतियोगिताओं के दौरान कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और हिंदी के प्रति अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। समापन अवसर पर विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए सभी का उत्साहवर्धन किया गया तथा बैंकिंग कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया गया।









