
हाथरस 30 सितम्बर। आगामी त्योहारों के दृष्टिगत जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में नवरात्रि, दशहरा, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ पूजा और वाल्मीकि जयंती सहित आगामी पर्वों को लेकर सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, विद्युत, पेयजल और अग्निशमन व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में आयोजित होने वाले रामलीला, रावण दहन, दुर्गा पंडाल, शोभायात्रा और मूर्ति विसर्जन कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आयोजन स्थलों, विसर्जन स्थलों और निर्धारित मार्गों का संबंधित विभागों के अधिकारी संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर लें और जहां भी कोई कमी हो, उसे समय रहते दूर कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति किसी भी कार्यक्रम, जुलूस अथवा झांकी का आयोजन नहीं किया जाएगा। किसी भी कार्यक्रम की अनुमति देने से पहले पूर्व की घटनाओं और स्थानीय परिस्थितियों का आकलन किया जाए, ताकि आयोजन के दौरान कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। डीएम ने कार्यक्रम स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, नियमित पुलिस गश्त और फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ ही सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। शोभायात्रा और मूर्ति विसर्जन के निर्धारित मार्गों को दुरुस्त रखने तथा यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया, ताकि त्योहारों के दौरान कहीं जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्वयं रूट का निरीक्षण करने और समय प्रबंधन के साथ जुलूसों का संचालन सुनिश्चित कराने को कहा। उन्होंने कहा कि त्योहार आपसी मेल-मिलाप, भाईचारे और सौहार्द का माध्यम हैं, इसलिए सभी आयोजनों में शांति और सद्भाव बनाए रखना जरूरी है।
जिलाधिकारी ने अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार मुचलका पाबंद की कार्रवाई करने के निर्देश दिए, वहीं निर्दोष व्यक्तियों के विरुद्ध अनावश्यक कार्रवाई न करने की स्पष्ट हिदायत दी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए कार्रवाई की जाएगी। दीपावली के मद्देनजर अवैध रूप से पटाखों की बिक्री और निर्माण पर प्रभावी रोक लगाने तथा पटाखों की दुकानों को घनी आबादी से दूर निर्धारित स्थानों पर ही संचालित कराने के निर्देश दिए गए। दुकानों पर अग्निशमन उपकरण और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने को भी कहा गया। डीएम ने ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थलों, पंडालों, मंदिरों तथा शोभायात्रा एवं विसर्जन मार्गों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने और विद्युत आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा। पंडालों और अन्य आयोजन स्थलों पर विद्युत कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते हुए व्यवस्थाओं की निगरानी करने और किसी भी संभावित समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर समयबद्ध समाधान कराने को कहा।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने सभी थाना प्रभारियों को त्योहार रजिस्टर का अवलोकन कर पूर्व में चिन्हित संवेदनशील स्थलों की जानकारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मूर्ति विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा। आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित कर पीस कमेटी की बैठकें आयोजित करने तथा स्थानीय स्तर पर आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। एसपी ने सभी डीजे संचालकों को नोटिस जारी करने और निर्धारित मानकों एवं ध्वनि सीमा के अनुरूप ही डीजे का संचालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विजयदशमी के अवसर पर होने वाले रावण दहन कार्यक्रमों में तैयार किए जाने वाले पुतलों में विस्फोटक अथवा ज्वलनशील सामग्री के प्रयोग पर विशेष निगरानी रखने को कहा। साथ ही धार्मिक आयोजनों के दौरान भद्दे नृत्य, अशोभनीय प्रस्तुतियों अथवा आपत्तिजनक और फिल्मी गानों के प्रदर्शन पर रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक आयोजनों में शांति, मर्यादा और सौहार्द का विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित धार्मिक आयोजकों से उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी ली। आयोजकों द्वारा बताई गई समस्याओं के संबंध में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक, समस्त उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, थाना अध्यक्ष सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










