सादाबाद 24 जून । इस्लामनगर मोहल्ले में पोखर किनारे लगा विद्युत ट्रांसफार्मर अब स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। मिट्टी खिसकने और नालियों के क्षतिग्रस्त होने के कारण ट्रांसफार्मर के असंतुलित होकर गिरने का खतरा बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में बड़े हादसे की आशंका है।
यह ट्रांसफार्मर एक पोखरनुमा खाली प्लॉट के ठीक किनारे स्थापित है, जिसकी जमीन काफी नीची है। बरसात और मिट्टी के कटाव के कारण ट्रांसफार्मर के नीचे की जमीन लगातार कमजोर होती जा रही है। इसके आसपास की दोनों ओर की नालियां भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, और बगल में लगा विद्युत पोल भी टेढ़ा हो गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि ट्रांसफार्मर की इस स्थिति के कारण हर समय दुर्घटना का भय बना रहता है। उन्होंने प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इसे शीघ्र किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। नगर पंचायत के वरिष्ठ लिपिक अनुपम गुप्ता ने बताया कि ट्रांसफार्मर लगने के बाद क्षेत्र में कई व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। उनके अनुसार, करंट फैलने की आशंका के कारण वहां नियमित सफाई कार्य कराना मुश्किल हो गया है, और सफाई कर्मचारी सुरक्षा कारणों से उस क्षेत्र में काम करने से बचते हैं। क्षतिग्रस्त नालियों के पुनर्निर्माण का कार्य भी शुरू नहीं हो पा रहा है, क्योंकि मजदूर ट्रांसफार्मर के निकट काम करने में खतरा महसूस कर रहे हैं। विद्युत विभाग के अवर अभियंता अजय कुमार ने भी स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर लगाए जाने के समय भूमि समतल थी, लेकिन समय के साथ नीचे की मिट्टी कटने और फटने लगी है। उन्होंने पुष्टि की कि आसपास की नालियां भी क्षतिग्रस्त हैं और वर्तमान स्थिति में ट्रांसफार्मर के झुकने अथवा गिरने का खतरा बना हुआ है।























