सिकन्दराराऊ 08 अक्टूबर। सिकन्दराराऊ में ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें तीन युवकों ने एक ग्रामीण को अपनी बातों में फंसाकर 26 हजार 500 रुपये ठग लिए। आरोपियों ने अपनी मां के सोने के कुंडल गिरवी रखने का झांसा देकर युवक से रकम ली और पैसे मिलते ही मौके से फरार हो गए। बाद में सुनार से जांच कराने पर कुंडल नकली निकले। सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव सिंधौली निवासी विकास किसी काम से सिकंदराराऊ आया था। बताया जा रहा है कि वह बस स्टैंड से पैदल अलीगढ़ की ओर जा रहा था, तभी तीन युवकों ने उसे रोक लिया। युवकों ने खुद को उसके गांव के आसपास का बताते हुए पहचान का हवाला दिया और इमरजेंसी का मामला बताकर उससे 30 हजार रुपये उधार मांगने लगे। विकास ने जब उनकी बात पर भरोसा करने से इनकार किया तो तीनों युवकों ने अपनी मां के कान के दो कुंडल गिरवी रखने की बात कही। आरोपियों ने दावा किया कि कुंडल सोने के हैं और उनकी कीमत काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि शाम तक गांव पहुंचकर रुपये वापस कर कुंडल ले जाएंगे। युवकों की बातों में आकर विकास ने बताया कि उसके पास 30 हजार रुपये नहीं हैं, लेकिन 26 हजार 500 रुपये हैं। बताया जाता है कि तीनों युवक इस रकम पर भी तैयार हो गए।
यूपीआई से निकाली रकम, नकदी लेकर भागे
इसके बाद विकास दोनों कुंडल लेकर युवकों के साथ जीटी रोड स्थित जनसेवा केंद्र पहुंचा। वहां उसने यूपीआई के माध्यम से 26 हजार 500 रुपये की रकम निकलवाकर युवकों को नकद दे दी। रुपये हाथ में आते ही तीनों युवक मौके से फरार हो गए। विकास को उम्मीद थी कि युवक शाम तक गांव पहुंचकर रकम वापस कर देंगे। लेकिन देर शाम तक उनके नहीं पहुंचने और रात में फोन नहीं आने पर उसे शक हुआ। अगले दिन वह कुंडल लेकर पुरदिलनगर के एक सुनार के पास पहुंचा। जांच में सामने आया कि दोनों कुंडल सोने के नहीं बल्कि तांबे के नकली कुंडल थे।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तलाश
ठगी का पता चलने के बाद विकास जनसेवा केंद्र पहुंचा और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई। इसके बाद उसने तीनों आरोपियों की तलाश के लिए कोतवाली सिकंदराराऊ में तहरीर दी। एसएसआई अनिल शर्मा ने बताया कि मामले में शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस द्वारा जनसेवा केंद्र की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश की जा रही है।








