सिकन्दराराऊ 27 जून। निबंधन विभाग के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिस्टों का संयुक्त आंदोलन शनिवार को 18वें दिन भी पूरे उत्साह और एकजुटता के साथ जारी रहा। उप-पंजीयक कार्यालय परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक सरकार निजीकरण का प्रस्ताव पूरी तरह वापस नहीं लेती, तब तक उनका लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। धरना स्थल पर विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य, जिला उपाध्यक्ष नवेद अहमद खान (हाथरस पीसीसी कमेटी) एवं उनके साथियों ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि निबंधन विभाग का निजीकरण जनहित, अधिवक्ताओं तथा आम जनता के हितों के विपरीत है। उन्होंने सरकार से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की। इसके अतिरिक्त जय जवान किसान नौजवान संविधान पार्टी के प्रतिनिधियों ने भी आंदोलन के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। वहीं ब्रजमोहन मदनावत (राष्ट्रीय महासचिव) तथा शिव नंदन (जिला महामंत्री, किसान सभा) ने कहा कि निजीकरण से आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा तथा अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं और टाइपिस्टों सहित हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने आंदोलन को जनहित का संघर्ष बताते हुए इसे अंत तक समर्थन देने का आश्वासन दिया।
धरने की अध्यक्षता केदार सिंह यादव ने की तथा संचालन दी बार एसोसिएशन के सचिव राजेश बघेल एडवोकेट ने किया। आंदोलन के संरक्षक एवं दी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.के. चौहान ‘शोला’ एडवोकेट ने कहा कि यह संघर्ष केवल अधिवक्ताओं का नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों, पारदर्शी व्यवस्था और रोजगार की रक्षा का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लेना चाहिए।अंत में सभी आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं निर्णायक बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि जनता के हितों, रोजगार की सुरक्षा और सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने का संघर्ष है। धरने में उपस्थित रहेयुवराज सिंह चौहान,गौरी शंकर गुप्ता,इंद्रपाल सिंह यादव, महेंद्र सिंह यादव,जय प्रकाश गुप्ता,अरविंद कुमार शर्मा, रंजीत पौरुष, गिरीश यादव, विजय उपाध्याय, रूपेंद्र बघेल, अजीत चौहान, प्रियांशू दरगढ़, दीपेश पाठक, आनन्द कुमार, कोमल सिंह, राशिद अहमद, हरीओम उपाध्याय, देवेन्द्र कुमार संत आदि






















