
हाथरस 15 सितम्बर। श्री दाऊजी महाराज के 115वें मेले के शुभारंभ के अवसर पर गणेश चतुर्थी को कमला बाजार स्थित कामेश्वर मंदिर में भगवान गणेश की विधि-विधान से स्थापना की गई। धर्माचार्यों और विद्वानों ने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भगवान गणेश की उपासना कर मेले के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन की कामना की। कार्यक्रम में महोत्सव सभापति पं. विश्वनाथ पुरोहित ज्योतिषाचार्य तथा अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ‘फौजी’ को प्रकांड विद्वान आचार्य कयूर दीक्षित, आचार्य मनोज द्विवेदी एवं उनके सहयोगियों ने मंत्रोच्चारण के साथ संकल्प कराया। भगवान गणेश से प्रार्थना की गई कि श्री दाऊजी महाराज का 115वां मेला सुख-शांति और निर्विघ्न रूप से संपन्न हो। इस दौरान उपस्थित विप्रजनों और भक्तजनों का माल्यार्पण एवं पीत पटिका पहनाकर स्वागत किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय और भाजपा ब्रज क्षेत्र के उपाध्यक्ष शरद महेश्वरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद धर्माचार्यों और विद्वानों द्वारा गणेश पूजन, अर्चन एवं आरती-वंदन कराया गया तथा उपस्थित विप्रजनों को यथायोग्य दक्षिणा प्रदान की गई। भगवान गणेश के जयघोष के बीच अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने गणेश जी को सम्मानपूर्वक अपनी गोद में लेकर रथ में स्थापित कराया। भक्तजन चारों वेदों को सिर पर धारण कर शोभायात्रा में शामिल हुए।
जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय ने फीता काटकर वेद भगवान की शोभायात्रा का शुभारंभ किया। ‘गणेश जी महाराज की जय’, ‘दाऊजी महाराज की जय’ और ‘पार्वती पतये हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा शहर के विभिन्न बाजारों से होकर गुजरी। मार्ग में गंगा महारानी मंदिर, दाऊजी महाराज, हलवाई खाना, सीताराम हलवाई, श्री गणेश मंदिर घंटाघर, लक्ष्मी गणेश मंदिर, गली सीकनापान, चक्रधारी बगीची, किला गेट सहित विभिन्न स्थानों पर भक्तों ने आरती, भोग-प्रसाद और पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। इसके बाद शोभायात्रा दाऊजी महाराज किला स्थित वेद भगवान शिविर पहुंची। यहां वैदिक विधि-विधान से सर्वप्रथम गणेश जी की कलश स्थापना तथा चारों वेदों की स्थापना की गई। धर्माचार्यों एवं विद्वानों ने भगवान गणेश की महिमा का वर्णन किया। उपस्थित भक्तजनों का पीत पटिका पहनाकर स्वागत किया गया तथा उन्हें प्रसाद एवं दक्षिणा भेंट की गई। शोभायात्रा के शुभारंभ से लेकर वेद भगवान की शिविर में स्थापना तक अनुशासित व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी व्यवस्थापक पं. बृजेश वशिष्ठ और उनके सहयोगी इंजीनियर देव स्वरूप शर्मा ने संभाली। दाऊजी महाराज मंदिर के पुजारी ने वेद भगवान की आरती-वंदन कर प्रार्थना की कि दाऊजी महाराज का मेला बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। अंत में भक्तजनों को प्रसाद वितरित किया गया। ‘वेद भगवान की जय’, ‘दाऊजी महाराज की जय’, ‘देवकी मैया की जय’, ‘धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो’, ‘प्राणियों में सद्भावना हो’, ‘विश्व का कल्याण हो’ और ‘पार्वती पतये हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ वेद भगवान की स्थापना का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस अवसर पर श्री वेद भगवान सनातन धर्मसभा के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा फौजी, महोत्सव सभापति पं. विश्वनाथ पुरोहित, मनोज द्विवेदी, हरिमोहन शर्मा गुरूजी, राजेंद्र नाथ चतुर्वेदी, केयूर दीक्षित, प्रशांत शर्मा, सत्यप्रकाश रंगीला, राधा माधव शर्मा एडवोकेट, नागेंद्र पाठक, बालकिशन शर्मा बालो गुरु, शशांक पचौरी, गिरिराज किशोर आजाद, राजेश उपाध्याय, राजू शर्मा पत्रकार, पं. गणेश वशिष्ठ, डॉ. एससी शर्मा, भंवर सिंह पौरूष, उमेश चंद्र शर्मा, सत्येंद्र स्वरुप शर्मा, शौर्य शर्मा, बृजेश मिश्रा, योगेंद्र शर्मा योगा पंडित, श्याम सुंदर शर्मा बंटी भैया, अतुल कृष्ण भारद्वाज, डॉ. विकास शर्मा, विशाल पुरोहित, राजेश शर्मा, देवेंद्र उपाध्याय, राघव वशिष्ठ, अविनाश चंद्र पचौरी, प्रतीक शर्मा, उदित शर्मा, रजत चतुवेर्दी सहित समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।








