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हाथरस 09 अगस्त। विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने की एक और बड़ी कवायद शुरू होने जा रही है। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कराया जाएगा। सितंबर से शुरू होने वाले इस अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर पहुंचकर मतदाता सूची की जांच करेंगे। नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के साथ मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित और अनुपस्थित मतदाताओं की पहचान कर सूची को अपडेट किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के बाद जनवरी में अंतिम मतदाता सूची जारी होने की संभावना है। एसआईआर के बाद प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को जारी की गई थी, जिसमें कुल 13.39 करोड़ से अधिक मतदाता दर्ज हैं। अब केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से पुनर्विभाजन सूची जारी होने के बाद एसएसआर की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। अभियान के तहत सबसे पहले मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और सूची में आवश्यक संशोधन के लिए निर्धारित प्रपत्र भरवाएंगे।

नए मतदाताओं के नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और नाम, पते या विधानसभा क्षेत्र से संबंधित संशोधन के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाएगा। दावों और आपत्तियों का निस्तारण भी निर्धारित प्रक्रिया और मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल्स-2023 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा। आयोग के सूत्रों के मुताबिक एसएसआर की प्रक्रिया सितंबर में शुरू होने की संभावना है और इसके लिए करीब 30 से 40 दिन का समय निर्धारित किया जा सकता है। अभियान के दौरान शनिवार और रविवार को विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। इन दिनों बीएलओ संबंधित मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची और आवश्यक प्रपत्रों के साथ मौजूद रहेंगे, ताकि मतदाता नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से संबंधित आवेदन दे सकें। जिला निर्वाचन अधिकारी और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) अभियान की निगरानी करेंगे। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 7 जनवरी 2022 को प्रकाशित हुई थी। इसके अगले दिन 8 जनवरी को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हुई थी और 14 जनवरी से पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई थी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव निर्धारित समय पर ही होंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी चुनावी प्रक्रिया से पहले जनवरी के प्रथम सप्ताह में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जा सकती है।

 

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