
हाथरस 31 अक्टूबर। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं निर्विघ्न ढंग से संपन्न कराने की तैयारियों का आगाज हो गया है। इसी क्रम में पुलिस लाइन स्थित ऑडिटोरियम में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल की अध्यक्षता में प्रशासन और पुलिस विभाग के नामित सेक्टर एवं जोनल मजिस्ट्रेटों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन संबंधी तैयारियों, पोलिंग स्टेशनों की स्थिति, मतदाता सूची, निर्वाचन प्रबंधन और कानून-व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यह बैठक विधानसभा निर्वाचन-2027 की तैयारियों की शुरुआत है। निर्वाचन प्रक्रिया में सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर पुलिस अधिकारी महत्वपूर्ण कार्यात्मक कड़ी हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव की तैयारियों के चार प्रमुख आयाम हैं, जिनमें पोलिंग स्टेशनों की भौतिक स्थिति एवं न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं का सत्यापन, मतदाता सूची का परीक्षण एवं मतदाताओं की सहभागिता बढ़ाना, निर्वाचन प्रबंधन तथा कानून-व्यवस्था का प्रभावी प्रबंधन शामिल है। उन्होंने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों को अपने आवंटित क्षेत्रों का भ्रमण कर पोलिंग स्टेशनों तक पहुंचने वाले मार्गों, सड़कों, पुलियों और भवनों की स्थिति का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बिजली, पेयजल, शौचालय, रैंप, दरवाजे एवं खिड़कियों सहित न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता जांचने को कहा। मतदाता सूची में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं, महिलाओं एवं अन्य पात्र मतदाताओं के नाम शामिल कराने तथा सूची में मौजूद त्रुटियों को चिह्नित करने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत निर्धारित तिथियों 21, 22, 27 एवं 28 नवंबर को बूथों पर बीएलओ की उपस्थिति के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्र प्रविष्टियों के नियमानुसार निराकरण की प्रक्रिया पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ईपी रेशियो एवं जेंडर रेशियो में सुधार के लिए भी प्रभावी प्रयास करने को कहा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्रों में पूर्व के चुनावों के दौरान हुए विवाद, मतदान बहिष्कार, धनबल, बाहुबल, अवैध शराब, मतदाताओं को धमकाने अथवा प्रलोभन देने जैसी घटनाओं का आकलन करें। संवेदनशील एवं क्रिटिकल मतदान केंद्रों के साथ-साथ वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर नए संवेदनशील स्थलों की भी पहचान की जाए। मतदाताओं में भय उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों और प्रभावित होने वाले परिवारों को चिह्नित कर आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाए। जोनल मजिस्ट्रेट अपने अधीनस्थ सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ नियमित रूप से भौतिक एवं ऑनलाइन बैठक कर कार्यों की समीक्षा करें। ग्राम स्तर पर लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, आशा, एएनएम तथा कृषि एवं पशुपालन विभाग के कर्मचारियों का सहयोग लेकर निर्वाचन संबंधी सूचनाएं जुटाई जाएं।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर पुलिस अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन केवल औपचारिकता के रूप में न करें, बल्कि क्षेत्र में जाकर स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करें और वास्तविक स्थिति का आकलन करें। वर्ष 2022 के विधानसभा एवं वर्ष 2024 के लोकसभा निर्वाचन के आंकड़ों को वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार सत्यापित किया जाए। मतदाताओं को भयभीत करने वाले व्यक्तियों, समूहों और उनके प्रभाव में आने वाले मतदाताओं की पहचान की जाए। उन्होंने वल्नरेबिलिटी मैपिंग के संबंध में निर्देश दिए कि पहले प्रभावित मतदाताओं एवं भय उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों को चिह्नित किया जाए, इसके बाद भय के कारणों का पता लगाकर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ग्राम चौकीदार, बीट कांस्टेबल, कोटेदार, आशा एवं एएनएम सहित स्थानीय स्तर के कर्मचारियों से समन्वय स्थापित कर सही सूचनाएं प्राप्त करने तथा निर्वाचन को भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने पर जोर दिया। बैठक के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा अपर पुलिस अधीक्षक ने सेक्टर एवं जोनल मजिस्ट्रेटों को निर्वाचन के दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के उत्तरदायित्वों, कार्यप्रणाली एवं जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी पुलिस तथा सेक्टर एवं जोनल मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे।










