
हाथरस 14 अगस्त। कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व न्यायालयों एवं विभिन्न धाराओं के अंतर्गत योजित और लंबित वादों की समीक्षा बैठक राजस्व विभाग के राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश श्री सुरेन्दर दिलेर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राज्य मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को राजस्व एवं भूमि संबंधी प्रकरणों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाए। बैठक में राज्य मंत्री ने जनपदीय राजस्व न्यायालयों में योजित एवं लंबित वादों, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-24 के तहत दायर मामलों, निर्विवादित विरासत धारा-33, धारा-34, 67, 80 एवं 116 के अंतर्गत वादों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की। इसके साथ ही ई-परवाना, ई-खसरा/पड़ताल जायद 1433, रियल टाइम खतौनी, खतौनी पुनरीक्षण एवं अंश निर्धारण की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री कृषक कल्याण/दुर्घटना बीमा योजना, तहसील एवं जनपद स्तर के आवासीय व अनावासीय भवनों के अनुरक्षण, ग्राम सभा की भूमि के पट्टा आवंटन, कर-करेत्तर राजस्व प्राप्तियों, मुख्य एवं विविध देय वसूली, दैवीय आपदा, उच्च न्यायालय में लंबित रिट याचिकाओं में प्रतिशपथ-पत्र, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्रों के लंबित प्रकरण, भूमि विवाद रजिस्टर और आईजीआरएस संदर्भों के निस्तारण की भी समीक्षा की गई।
राज्य मंत्री ने धारा-24 के लंबित मामलों को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि मामलों में समयबद्ध पैमाइश कराकर पात्र व्यक्तियों को कब्जा दिलाया जाए, जिससे उन्हें न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि भूमि की पैमाइश में आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक जरीब से भी मिलान कराया जाए, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे और संबंधित पक्ष भी पूरी प्रक्रिया से संतुष्ट हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि तहसीलवार विवरण तैयार किया जाए कि कितनी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया, कितना जुर्माना लगाया गया और कितनी राजस्व वसूली की गई। मंत्री ने शासन के निर्देशों के अनुरूप ग्राम पंचायतों में लेखपालों के बैठने के लिए रोस्टर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लेखपाल के बैठने का स्थान, दिन, समय, नाम और मोबाइल नंबर ग्राम पंचायतों के सरकारी भवनों तथा अन्य प्रमुख स्थलों पर अंकित कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को भूमि संबंधी समस्याओं के लिए अनावश्यक रूप से तहसील कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और पंचायत स्तर पर ही उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।
उन्होंने भूमि विहीन पात्र व्यक्तियों को चिह्नित कर नियमानुसार पट्टा आवंटन की कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए, जिससे जरूरतमंद परिवारों को आवास सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके अलावा उन्होंने राजस्व वादों के त्वरित समाधान और जनहित से जुड़े मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक के दौरान सांसद एवं विधायकगणों द्वारा उठाई गई जनहित की समस्याओं और सुझावों को भी राज्य मंत्री ने गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए प्रकरणों का नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी द्वारा बैठक में प्रस्तुत विभिन्न प्रकरणों, समस्याओं एवं सुझावों पर भी राज्य मंत्री ने विस्तार से विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। बैठक के अंत में राज्य मंत्री द्वारा राज्य आपदा मोचक निधि (राहत सहायता) के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को 25 हजार रुपये की सहायता राशि के डेमो चेक वितरित किए गए। वहीं आईजीआरएस में जनपद द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने पर संबंधित अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। बैठक में सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, विधायक सदर श्रीमती अंजुला सिंह माहौर, विधायक सिकंदराराऊ वीरेन्द्र सिंह राणा, विधायक सादाबाद प्रदीप कुमार, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, जिलाध्यक्ष श्याम सिंह, सांसद प्रतिनिधि राजेश उर्फ गुड्डू, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रशांत तिवारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रकाश चंद्र, परियोजना निदेशक, समस्त उप जिलाधिकारी, एसओसी चकबंदी, जिला आबकारी अधिकारी, खनन अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित संबंधित राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।












