
हाथरस 15 जून। विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तत्वावधान में वृद्धाश्रम नगला भूस में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन तथा जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विनय कुमार-तृतीय के आदेशानुसार, सचिव अनु चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
शिविर में पराविधिक स्वयं सेवक साहब सिंह एवं रामकुमार शर्मा ने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए सदैव तत्पर है। यदि किसी वृद्धजन को वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन या अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा पराविधिक स्वयं सेवकों से संपर्क कर सकते हैं। उनके प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने में प्राधिकरण पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। पराविधिक स्वयं सेवकों ने वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण से संबंधित कानूनों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वृद्धजन को अपने बच्चों से भरण-पोषण प्राप्त करने का कानूनी अधिकार है। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, बैंकों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए अलग काउंटरों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने समाज से वृद्धजनों के सम्मान और सेवा का आह्वान करते हुए कहा कि बुजुर्गों की देखभाल केवल कर्तव्य ही नहीं बल्कि हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। शिविर के दौरान यह भी बताया गया कि यदि किसी वरिष्ठ नागरिक के साथ दुर्व्यवहार होता है या उन्हें किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता है, तो वे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14567 अथवा 15100 पर संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम में वृद्धाश्रम की अधीक्षिका नीतू मिश्रा ने भी वरिष्ठ नागरिकों की सेवा, सुरक्षा एवं देखभाल के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर वृद्धाश्रम का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।
























