हाथरस 03 अक्टूबर। मेला श्री दाऊजी महाराज में संचालित अखिल भारतीय खटीक समाज शिविर में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मीना चक ने की। मुख्य अतिथि के रूप में राजबाला सहित सीमा सिंह, सपना सिंह, संगीता सूर्यवंशी, लक्ष्मी देवी, देवी, सपना, कोमल सिंह एवं अखिलेश मौजूद रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भगवान राम दरबार, दाऊजी महाराज, संत शिरोमणि दुर्लभ नाथ महाराज एवं राजा खटवांग के चित्रों पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्वलित करके किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों का रश्मि देवी, कुमारी शोभा, कुमारी चंचल सूर्यवंशी, नायरा, माही, कुमारी परी, कुमारी माल्यशा, कुमारी प्रेशा एवं कुमारी भूमि ने अंगवस्त्र पहनाकर और प्रतीक चिह्न भेंट कर स्वागत किया।
महिलाओं की शिक्षा और सम्मान पर दिया जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महिलाओं के अधिकार, शिक्षा और सम्मान को लेकर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि यदि नारी को उचित समय पर शिक्षा और सम्मान मिले तो वह जीवन के हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर सकती है। आज महिलाएं डॉक्टर और इंजीनियर बनने के साथ-साथ विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं जिम्मेदारी वाले पदों पर भी कार्य कर रही हैं। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं और बहनों का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है। इंजी. किशन सिंह परेवा, प्रवक्ता सी.बी. सिंह, सुधीश कुमार एवं जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार सूर्यवंशी सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि नारी परिवार और समाज की महत्वपूर्ण शक्ति है। नारी जन्म से लेकर माता के रूप में बच्चों का लालन-पालन करती है, बहन के रूप में भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और अर्धांगिनी के रूप में जीवनभर परिवार का साथ निभाती है। वक्ताओं ने कहा कि जहां पुरुष एक घर की जिम्मेदारी संभालता है, वहीं महिला कई बार मायके और ससुराल दोनों परिवारों की जिम्मेदारियों को निभाती है। ऐसे में महिलाओं के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना रखना आवश्यक है।
समाज के लोग रहे मौजूद
महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में गनेशी लाल सूर्यवंशी, बिजली वाले, शिव संयोजक अर्जुन सिंह, रविंद्र सिंह परेवा, प्रमोद जी बिजली वाले, अनिल सूर्यवंशी, प्रिंस सूर्यवंशी, जय सूर्यवंशी, जिला उपाध्यक्ष सतवीर सिंह, पंकज सूर्यवंशी, राजू सूर्यवंशी, रवि कुमार एवं भारत कुमार सहित समाज के अनेक लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन कुमारी चंचल सूर्यवंशी ने किया। आयोजन के दौरान महिलाओं की शिक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया।










