
हाथरस 26 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश जनगणना 2027 के अंतर्गत तहसील हाथरस में जनगणना के द्वितीय चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल के ऑडिटोरियम में किया गया। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ उन्होंने फीता काटकर तथा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। इस दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, निर्धारित दिशा-निर्देशों तथा कार्य को समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने बताया कि जनगणना के अंतर्गत स्व-गणना का कार्य 16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना का कार्य संपादित करेंगे। उन्होंने कहा कि जनगणना देश के विकास की आधारशिला है। इससे प्राप्त सटीक आंकड़े भविष्य की योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव और क्षमता का उपयोग करते हुए पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी से कार्य करें, ताकि जनपद हाथरस जनगणना के कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके।
डीएम ने स्व-गणना कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अभी से जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 16 नवंबर से स्व-गणना शुरू होने से पहले ही लोगों को इसकी प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाए। गांवों और मोहल्लों में लोगों को एकत्रित कर स्व-गणना की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जा सकता है, जिससे अधिक से अधिक परिवार स्वयं अपनी गणना कर सकें। इससे नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी और आगामी जनगणना कार्य को गति मिलेगी। प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल जनगणना की तकनीकी जानकारी देना ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों में नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करना भी है। पर्यवेक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने अधीनस्थ प्रगणकों को उचित मार्गदर्शन दें, उनका उत्साहवर्धन करें और बेहतर समन्वय के साथ निर्धारित समय में कार्य पूरा कराएं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान की वास्तविक परीक्षा क्षेत्र में कार्य करते समय होगी। इसलिए सभी कर्मचारी जनगणना से संबंधित दिशा-निर्देशों एवं प्रक्रियाओं को भली-भांति समझें और फील्ड में उनका सही ढंग से अनुपालन सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने जनगणना प्रपत्रों में जानकारी दर्ज करते समय विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रश्न को सही ढंग से समझकर उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप आंकड़ों का संकलन किया जाए। किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए प्रशिक्षण में बताई गई प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश और समाज की वास्तविक स्थिति को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, इसलिए प्रत्येक कर्मचारी निष्पक्षता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ अपना कार्य संपादित करे। डीएम ने यह भी कहा कि क्षेत्र में परिवारों से संपर्क के दौरान पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के प्रति जागरूक करने के लिए समन्वित प्रयास किए जा सकते हैं। विशेष रूप से 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित पात्र व्यक्तियों को जागरूक करने पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हाथरस के अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी मेहनत, प्रतिबद्धता और बेहतर समन्वय से जनगणना के आगामी चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। साथ ही आश्वस्त किया कि कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान और आवश्यक मार्गदर्शन के लिए जिला प्रशासन सहयोग प्रदान करेगा।
मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित ने कहा कि किसी भी प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई बातें फील्ड में कार्य करते समय सहायक सिद्ध होती हैं। उन्होंने जनगणना के कार्य में स्व-गणना की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि स्व-गणना की प्रक्रिया जितनी बेहतर होगी, आगे का कार्य उतना ही आसान होगा और त्रुटियों की संभावना भी कम रहेगी। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि उन्हें जो क्षेत्र आवंटित किया गया है, वहां गणना संबंधी कार्य की तैयारियां पहले से पूरी कर लें, ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रशांत तिवारी ने सुझाव दिया कि जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों से संबंधित एक प्रपत्र तैयार कराकर संबंधित क्षेत्रों में वितरित किया जाए। इससे लोग आवश्यक जानकारियां पहले से तैयार रख सकेंगे और प्रगणक के घर पहुंचने पर प्रपत्र भरने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से कार्य में सुविधा होगी और त्रुटियों की संभावना भी कम की जा सकेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में तहसील स्तरीय अधिकारी, मास्टर ट्रेनर तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।










