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हाथरस 26 अक्टूबर। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के तत्वावधान में जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम, हाथरस में दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। सदर विधायक एवं महिला एवं बाल विकास संबंधी संयुक्त समिति की सभापति अंजुला सिंह माहौर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा, राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल और मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को 140 हस्तचालित ट्राईसाइकिल, 21 व्हीलचेयर, 38 कान की मशीन, 2 ब्लाइंड स्टिक, 128 बैसाखी, 23 एमआर किट और 15 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की गईं। इन सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों को दैनिक गतिविधियां पूरी करने में सुविधा मिलेगी और उनकी कार्यक्षमता एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर ने लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सहायक उपकरण दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने और दैनिक कार्यों में आने वाली कठिनाइयों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शारीरिक अक्षमता किसी व्यक्ति की योग्यता, प्रतिभा और आगे बढ़ने की क्षमता का आकलन नहीं हो सकती। सूरदास जी और महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग इसके प्रेरणादायक उदाहरण हैं। दृढ़ संकल्प, मेहनत और लगन से प्रत्येक व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पात्र दिव्यांगजनों का पंजीकरण कराकर उनकी जरूरतों के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने अपील की कि जिन दिव्यांगजनों को अभी तक सहायक उपकरण नहीं मिले हैं, वे अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि दिव्यांगजनों की सहायता के लिए आगे भी निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राणा ने कहा कि दिव्यांगजनों को सहयोग प्रदान करने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों और दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता कोई अभिशाप नहीं है और दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ना चाहिए। विधायक ने अधिकारियों से जनपद के प्रत्येक गांव में सर्वे कराकर दिव्यांगजनों की सूची तैयार करने की अपील की, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने दिव्यांगजनों से भी कहा कि पंजीकरण या योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आने वाली समस्याओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें, जिससे जरूरतमंदों तक समय से सहायता पहुंचाई जा सके।

भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा और राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों का जीवन सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण उपलब्ध करा रही है। इनमें बैटरी चालित ट्राईसाइकिल, श्रवण यंत्र, शौचालय संबंधी सहायक सुविधाएं और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एमआर किट शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन उपकरणों से दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में सहूलियत मिलेगी और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के उद्देश्य से विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को उनकी दिव्यांगता के प्रकार और आवश्यकताओं के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की अपनी विशेषताएं और क्षमताएं होती हैं। जिस प्रकार प्रकृति में विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे पर्यावरण की सुंदरता बढ़ाते हैं, उसी प्रकार समाज में भी प्रत्येक व्यक्ति का अपना महत्व है। इसलिए दिव्यांगजनों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सहयोग का भाव रखा जाना चाहिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि दिव्यांगजनों को पेंशन सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उनकी जरूरतों के अनुसार सहायक उपकरण, पुनर्वास सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे अपनी क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़ सकें। उन्होंने दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और प्रारंभिक देखभाल पर विशेष जोर देते हुए बताया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के माध्यम से बचपन डे-केयर जैसी सुविधाएं संचालित की जाती हैं, जहां बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार देखभाल, शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए विभिन्न स्तरों पर विद्यालय भी संचालित हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष विद्यालय की आवश्यकता सामने आने पर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से शासन स्तर पर प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विशाल कुमार ने बताया कि दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन को आसान बनाने, उनकी जीवनशैली में सुधार लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सहायक उपकरण वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एमआर किट विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा एवं अध्ययन संबंधी गतिविधियों में सहायक होगी।

मुख्य विकास अधिकारी ने अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले वर्ष जुलाई में सर्वे कराने के बाद दिसंबर में लगभग 400 लाभार्थियों को उपकरण वितरित किए गए थे। इसी क्रम में इस वर्ष जून में भी लगभग 400 लाभार्थियों को उपकरण उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सहायता प्रदान करने की इस पहल को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का बुके भेंटकर और पटका पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जिला स्पोर्ट्स अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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