मथुरा 19 सितम्बर। जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा में भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती इंजीनियर्स डे के रूप में उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और नवाचार को एक मंच पर लाते हुए विद्यार्थियों को नई सोच और व्यावहारिक समाधान के लिए प्रेरित किया गया। संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने कहा कि इंजीनियरिंग केवल तकनीकी ज्ञान अर्जित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य समाज और राष्ट्र की आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करना है। विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीक के साथ पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और नवाचार को भी अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता को व्यवहारिक रूप देने तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों एवं संस्थान के पदाधिकारियों द्वारा पौधरोपण कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलन पश्चात अतिथियों का स्वागत प्रो. पंकज शर्मा, डीन सीएसई एवं एलाइड तथा विभागाध्यक्ष प्रो. वी.के. सिंह ने मोमेंटो एवं प्लांटर्स भेंट कर किया। इस अवसर पर डॉ. एस.के. गोयल, साइंटिस्ट-जी एवं चेयर तथा डॉ. सुनील गुलिया, सीनियर साइंटिस्ट, सीएसआईआर-नीरी, दिल्ली रीजनल सेंटर ने अपने-अपने अनुभवों से छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया। डॉ. सुनील गुलिया ने एआई मॉडल डेवलपमेंट और उसके वास्तविक जीवन में अनुप्रयोगों पर विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। वहीं डॉ. एस.के. गोयल ने पर्यावरण प्रदूषण की चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण आइडियाथॉन रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने समाज और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं के लिए अपने अभिनव समाधान प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में एग्रीनेक्सक्स ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ट्रुथ लेयर एआई रनर-अप रहा। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसी अवसर पर संस्थान के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल का भी उद्घाटन किया गया। यह पहल विद्यार्थियों और शिक्षकों के शोध, नवाचार तथा तकनीकी प्रयोगों को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के समन्वय इंजीनियर संजीव कुमार सिंह और सह-समन्वय इंजीनियर ऋचा मिश्रा ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, शोध की प्रवृत्ति और नवाचार की भावना विकसित करने का संदेश देने के लिए किया गया। अंत में प्रो. पंकज शर्मा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन छात्रा श्रेया गुप्ता और छात्र अंकित सिंह ने किया।









