
हाथरस 20 जून । तहसील सदर में प्रस्तावित फ्रंट ऑफिस प्रणाली लागू किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों एवं टाइपिस्टों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है। संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसके चलते रजिस्ट्री कार्यालय का कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा लागू की जा रही ‘फ्रंट ऑफिस’ व्यवस्था से वर्षों से इस कार्य से जुड़े अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों एवं टाइपिस्टों के समक्ष रोजगार का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। उन्होंने इस व्यवस्था को तानाशाहीपूर्ण निर्णय बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। हड़ताल के चलते तहसील परिसर में सामान्य कामकाज प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से भूमि खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री से जुड़े कार्य पूरी तरह ठप होने से आम नागरिकों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता राकेश चौधरी ने की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर के मुख्य द्वार तक मार्च निकाला और राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। धरने के दौरान एआईजी स्टांप नीतू गोला एवं प्रभारी सब रजिस्ट्रार भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर आंदोलन समाप्त करने का प्रयास किया। हालांकि वार्ता के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अडिग रहे और उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार ‘फ्रंट ऑफिस’ व्यवस्था को वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। धरने में नितिन जैसवाल एडवोकेट, जयप्रकाश शर्मा एडवोकेट, मधुर चौधरी एडवोकेट, गौरव बघेल एडवोकेट, सुरेश चंद देशमुख, दिनेश कुशवाहा, विजेंद्र सिंह, मदन मोहन गौड़, मनोज कुमार कातिब, हरिशंकर, अजय शर्मा, देवेश दीक्षित, रजनीश गौतम, प्रमोद कुमार, श्याम सुंदर सूर्यवंशी, वीरेंद्र कुमार देशमुख, भानु प्रताप सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर एवं टाइपिस्ट मौजूद रहे।




















