सिकन्दराराऊ (हसायन) 01 जुलाई। कोतवाली क्षेत्र की सलेमपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित गांव बस्तोई में राजवाहे पर स्थित ठेका देशी शराब की दुकान को लेकर विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है।ठेका देशी शराब की दुकान को हटवाए जाने मांग को लेकर ग्रामीण महिलाएं लगातार विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं।बुधवार को तमाम महिलाएं शराब की दुकान को हटवाए जाने की मांग करते हुए ठेका देशी शराब के सेल्समैन के द्वारा दर्ज कराए गए मुकद्दम को गलत बताते हुए खरिज कराए जाने व सेल्समैन व उसके साथियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के लिए कोतवाली पहुंची।महिलाओं ने बताया कि ठेका देशी शराब की दुकान गांव के राजवाहे पर आने के कारण गांव का वातावरण दिनो दिन बिगडता ही जा रहा है।ठेका देशी शाब की दुकान होने की वजह से गांव के ग्रामीण युवा पुरूष दिन निकलते ही सुबह से लेकर रातभर ठेका देशी शराब की दुकान पर पहुंचकर शराब पीने के कारण घर पहुंचकर महिलाओं के साथ गाली गलौज मारपीट करते रहते है।शराब की दुकान के कारण उनके गांव में हर समय गृह क्लेश होता रहता है।जब तक ठेका देशी शराब की दुकान नही हटवाई जाती है।तब तक वह लगातार शिकायतें करती रहेगी।इसी प्रकरण को लेकर गांव की तमाम महिलाएं ठेका देशी शराब की दुकान को हटवाए जाने व ठेका देशी शराब की दुकान पर तैनात सेल्समैन व गांव बस्तोई के कुछ नामजद सेल्समैन के ग्रामीण साथियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस को शिकायती पत्र देने के लिए पहुंची।बुधवार,एक जुलाई 2026 को गांव बस्तोई की अनेक महिलाएं कोतवाली पहुंचीं।उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका देशी शराब की दुकान के सेल्समैन द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराया गया मुकदमा वापस लिया जाए तथा उनकी ओर से देने आई तहरीर के आधार पर आठ नामजद लोगों के विरुद्ध गाली-गलौज, मारपीट और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।महिलाओं में शामिल बैवी देवी पत्नी रेशमपाल ने कोतवाली के बाहर खड़ी लिखित तहरीर में बताया कि उन्तीस जून को दोपहर करीब 1:30 बजे वह अपनी बेटी गौरी, पूजा देवी पत्नी दिनेश कुमार तथा गांव की अन्य महिलाओं के साथ शराब के ठेके पर शराब की बिक्री करने व दुकान बंद किए जाने की शिकायत करने गई थीं।उनका कहना है कि ठेका बंद करने की मांग करने के दौरान ठेका पर वहां मौजूद आठ नामजद लोगों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जातिसूचक टिप्पणियां कीं।विरोध करने पर आरोपितों ने लाठी-डंडों से मारपीट की।पीडित महिला ने बताया कि इस दौरान उनकी बेटी को कथित रूप से बुरी नीयत से पकड़कर जमीन पर गिरा दिया गया।शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए,जिसके बाद आरोपित वहां से चले गए।पीड़िता ने आरोप लगाया कि जाते समय एक व्यक्ति ने उनके गले से चांदी की चेन तथा उनकी बेटी के कानों से सोने के कुंडल निकाल लिए।महिलाओं का कहना है कि घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई थी।उनके पास घटना से संबंधित कुछ वीडियो भी हैं,जिन्हें कोतवाली प्रभारी के व्हाट्सएप नंबर पर भेजा गया है।उन्होंने पुलिस से मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों पर पूर्व में लगाए गए गाली-गलौज और मारपीट के आरोपों के संबंध में अब तक न तो कोई कार्रवाई की गई है और न ही पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।पीडित ग्रामीण घटना पीड़ित ग्रामीणों ने कहा कि अगर पुलिस व प्रशासन जिम्मेदारों के परिजन शराब पीकर हर समय उत्पात मचाएं।तो आखिर वह उस समय क्या करेगें। महिलाओं ने कहा कि उत्नीस जून को ठेका बंद करने के लिए कहने पर सेल्समैन व उसके साथियो के द्वारा गाली गलौज मारपीट की गई।इसी दौरान मौके पर हसायन व सिकन्द्राराऊ कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।हसायन कोतवाली में तैनात जिम्मेदार इंस्पेक्टर व उनके साथी पुलिस कर्मियों ने उनकी शिकायत सुनने के बजाए उनके साथ मारपीट करना प्रारंभ कर दिया।घटना के दौरान हसायन व सिकन्द्राराऊ कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक स्तर के जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के अलावा अन्य पुलिसकर्मी जब महिलाओं के साथ पुलिसिया डंडा से मारपीट कर रहे थे।तभी पुलिस कर्मियों के द्वारा महिलाओं के साथ की जा रही मारपीट किए जाने के दौरान वीडियोज बना रहे ग्रामीण युवकों से मोबाइल छीनने का प्रयास कर हाथपाई कर मौके से भगाने लगे रहे थे।पीडित ग्रामीण महिलाओ ने कहा कि अगर ठेका बंद नही किया तो वह जिले के उच्च स्तरीय अधिकारियो के यहां शिकायत करने के साथ ही न्यायलय का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होना पडेगा।इस संबंध में कोतवाली प्रभारी मनीष कुमार चिकारा ने बताया कि जिस वक्त महिलाएं कोतवाली आई हुई थी।उस वक्त मै कोर्ट के लिए गया हुआ था।महिलाएं ठेका हटवाए जाने की मांग को लेकर शिकायत करने के लिए आई हुई थी।