Hamara Hathras

Latest News

सिकन्दराराऊ (हसायन) 04 सितंबर। जनपद के मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिकंदराराऊ से नगला विजन-हसायन मार्ग के कट पर प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, हाथरस की ओर से लगाया गया दिशा-सूचक बोर्ड इन दिनों राहगीरों के लिए भ्रम का कारण बना हुआ है। बोर्ड पर विभिन्न स्थानों की दूरी दर्शाई गई है, लेकिन आगरा की दूरी गलत अंकित होने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिशा-सूचक बोर्ड पर हसायन की दूरी 12 किलोमीटर, पटना पक्षी विहार 24 किलोमीटर, जलेसर 32 किलोमीटर और आगरा 38 किलोमीटर दर्शाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बोर्ड पर हसायन, पटना पक्षी विहार और जलेसर की दूरी लगभग सही प्रतीत होती है, लेकिन आगरा के लिए दर्शाई गई 38 किलोमीटर की दूरी वास्तविकता से काफी अलग है। लोगों के अनुसार, यदि बोर्ड पर जलेसर की दूरी 32 किलोमीटर और आगरा की दूरी 38 किलोमीटर दर्ज है, तो इससे यह प्रतीत होता है कि जलेसर से आगरा की दूरी महज छह किलोमीटर है। जबकि स्थानीय लोगों के मुताबिक, जलेसर से आगरा की दूरी करीब 48 किलोमीटर है।

वहीं, सिकंदराराऊ-नगला विजन-हसायन मार्ग के कट से आगरा की वास्तविक दूरी करीब 80 किलोमीटर के आसपास बताई जा रही है, जबकि दिशा-सूचक बोर्ड पर इसे महज 38 किलोमीटर दर्शाया गया है। ऐसे में पहली बार इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और बाहर से आने वाले राहगीरों के लिए दूरी को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिशा-सूचक बोर्ड राहगीरों को सही मार्ग और दूरी की जानकारी देने के उद्देश्य से लगाए जाते हैं। ऐसे में यदि बोर्ड पर ही दूरी गलत अंकित हो तो उसका उद्देश्य प्रभावित होता है। गलत दूरी के कारण वाहन चालक अपने सफर की दूरी का गलत अनुमान लगा सकते हैं और आगे के मार्ग को लेकर भी भ्रमित हो सकते हैं। क्षेत्रीय लोगों ने प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, हाथरस के अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर दिशा-सूचक बोर्ड की जांच कराने तथा आगरा की दूरी को सही किलोमीटर के साथ अंकित कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बोर्ड पर सही जानकारी दर्ज होने से राहगीरों को सुविधा मिलेगी और भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page