
हाथरस 07 मई । सासनी स्थित नवजीवन नर्सिंग होम में उपचार के दौरान हुई कथित लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। चार भाइयों की इकलौती बहन की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि युवती एक सामान्य बीमारी के इलाज के लिए डॉ. वीरेंद्र कुमार के अस्पताल में भर्ती हुई थी, लेकिन डॉक्टर की अयोग्यता और अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर किए गए उपचार के कारण उसकी जान चली गई।
घटना के बाद अस्पताल के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई और नारेबाजी करते हुए न्याय की गुहार लगाई। परिजनों का आरोप है कि डॉ. वीरेंद्र कुमार ने उन कार्यों को अंजाम दिया, जिनकी उनके पास न तो उचित ट्रेनिंग थी और न ही योग्यता। इस हृदयविदारक घटना से स्थानीय चिकित्सा समुदाय में भी गहरा रोष है। कई चिकित्सकों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे अप्रशिक्षित और लापरवाह डॉक्टरों के कारण पूरा चिकित्सा जगत शर्मिंदा होता है। विशेषज्ञों ने मांग की है कि दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उसका क्लिनिक सील किया जाए।
सूचना पाकर मौके पर पहुँचे प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को शांत कराया और जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में संचालित नर्सिंग होम में मरीजों की सुरक्षा के मानकों को ताक पर रखा जा रहा है। फिलहाल, पीड़ित परिवार शव का पोस्टमार्टम कराने और दोषी डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। पूरे इलाके में इस घटना को लेकर गहरा शोक व्याप्त है।


























