
हाथरस 12 मई । प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत चयनित ग्रामों में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु जिला स्तरीय अभिसरण समिति की बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अतुल वत्स ने की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत चयनित ग्रामों में विकास कार्यों के लिए स्थलों का चयन पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य चयनित ग्रामों का समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित करना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो और आमजन को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर मिल सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चयनित ग्रामों में सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, शौचालय, पोषण एवं रोजगार से संबंधित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें, जिससे ग्रामों के सर्वांगीण विकास के साथ ग्रामीणों को योजनाओं का वास्तविक लाभ प्राप्त हो सके। ग्रामवार प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अन्य योजनाओं से लाभान्वित कराया जाए। साथ ही शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को ग्राम स्तर पर नियमित निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति का अनुश्रवण करने तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभाग जवाबदेही एवं समन्वय के साथ कार्य करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, खंड विकास अधिकारी तथा नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।


























