
हाथरस 07 मई । अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन दुष्कर्म पीड़िता किशोरी और उसके नवजात बच्चे का गुरुवार को डीएनए (DNA) सैंपल लिया गया। हाथरस जिला अस्पताल से भेजी गई चिकित्सकीय टीम ने थानाध्यक्ष मुरसान अरविंद सक्सेना की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी की। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद यह वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट हो जाएगा कि बच्चे का जैविक पिता जेल में बंद आरोपी ही है या नहीं। पुलिस के अनुसार, यह रिपोर्ट कोर्ट में चल रहे मामले में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित होगी। आपको बता दें कि मुरसान क्षेत्र की निवासी 15 वर्षीय किशोरी के साथ पिछले वर्ष जुलाई में उसके रिश्ते के भाई (बुआ के लड़के) ने दुष्कर्म किया था। पीड़िता के गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर 23 जनवरी को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को आगरा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पीड़िता की मां ने बेटी के भविष्य को देखते हुए गर्भपात के लिए हाईकोर्ट में अपील की थी, लेकिन कानूनी और चिकित्सीय प्रक्रियाओं में देरी के कारण गर्भपात की अवधि निकल गई थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर किशोरी को जेएन मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ में भर्ती रखा गया था, जहाँ उसने 29 अप्रैल को एक बेटे को जन्म दिया। गुरुवार को सैंपल लेने के बाद डॉक्टरों ने किशोरी की हालत में सुधार देखते हुए उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है, जबकि नवजात शिशु अभी भी चिकित्सकों की निगरानी में वहीं भर्ती है। जिला अस्पताल हाथरस के सीएमएस डॉ. सूर्य प्रकाश ने बताया कि डीएनए सैंपल को लेकर एक चिकित्सकीय टीम मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ भेजी गई थी। वहां टीम ने किशोरी और उसके बच्चे के सैंपल लिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद इसे उच्चाधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।


























